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रात के 3 बज रहे हैं…सड़क पर दो लोग अस्पतालों के चक्कर काट रहे हैं। आंखों में मायूसी, चेहरे पर थकान और दिल में बस एक सवाल, मेरा भाई कहां है? जांजगीर-चांपा जिले के बलौदा ब्लॉक के हरदी विशाल गांव के रहने वाले सनी कुमार अनंत, वेदांता प्लांट के बॉयलर ब्लास्ट के बाद से अपने भाई की तलाश में दर-दर भटक रहे। वेदांता प्लांट में हुए भीषण ब्लास्ट ने 16 जिंदगियां छीन लीं, जबकि कई लोग अलग-अलग अस्पतालों में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। हादसे के बाद का मंजर और भी दर्दनाक रहा, अपनों की तलाश में लोग रातभर अस्पतालों और सड़कों पर भटकते रहे। घटना के 12 घंटे बाद भी कई परिवारों को अपने परिजनों की कोई जानकारी नहीं मिल पाई थी। हालांकि सुबह उनके भाई रामेश्वर महिलांगे की मौत की खबर मिली, परिजनों को न कोई सूची मिली, न कोई स्पष्ट जवाब…जिससे वे परेशान होते रहे। पहले ये तीन तस्वीरें देखिए… अस्पताल-अस्पताल भटक रहे, भाई कहीं नहीं मिला सनी ने बताया कि शाम 4 बजे से हम अपने भाई को ढूंढते रहे…रात के 3:30 बज गए थे। 5-6 अस्पताल गए, ICU तक जाकर देखा, लेकिन कहीं भी उसका नाम नहीं मिला। उनके भाई रामेश्वर महिलांगे (उम्र 28-29 साल) वेदांता प्लांट में बॉयलर ऑपरेटर था। उसकी शादी हो चुकी है और एक छोटा बच्चा भी है। फोन स्विच ऑफ, दोस्तों ने दी हादसे की खबर सनी ने बताया कि हादसे से एक दिन पहले ही भाई से बात हुई थी, रोज की तरह हाल-चाल पूछा था। लेकिन हादसे वाले दिन उससे बात नहीं हो पाई। जब फोन लगाया तो उसका मोबाइल स्विच ऑफ आ रहा था। फिर उसके दोस्तों का फोन आया कि प्लांट में बड़ा हादसा हुआ है…तब से हम बस उसे ढूंढ रहे हैं। सनी ने कहा कि हम प्लांट भी गए थे, लेकिन गेट पर ताला लगा हुआ था। बाहर बहुत भीड़ थी, लेकिन प्रबंधन से कोई बात करने नहीं आया। कोई कुछ बताने को तैयार नहीं था। भूखे-प्यासे भटकते रहे सनी की दर्द भरी आवाज में कहा कि, हम पिछले 12 घंटे से भूखे-प्यासे हैं… न रुकने की कोई व्यवस्था है, न कोई सही जानकारी। बस अस्पतालों के चक्कर काट रहे हैं। समझ नहीं आ रहा भाई कहां है। जिंदल अस्पताल के ICU में भी भाई नहीं मिला सनी ने बताया कि हमें जानकारी मिली थी की जिंदल अस्पताल में सबसे ज्यादा मरीज हैं लेकिन जब हम यहां पहुंचे तो हमें अस्पताल में सुबह आने को कहा जा रहा था लेकिन लगातार रिक्वेस्ट करने के बाद हमें ICU में जाने की अनुमति मिली। हमने अंदर जाकर देखा तो भाई नहीं मिला। लेकिन अंदर भर्ती हुए लोग बुरी तरह से घायल हैं। सबके चेहरों में पट्टी बंधी है, सभी बुरी तरह से झुलस गए हैं। हालांकि बुधवार सुबह भाई की मौत की खबर मिली। प्लांट वालों ने रुकने होटल भेजा, होटल वालों ने पैसा मांगा सनी कुमार अनंत ने बताया कि जब वे जिंदल हॉस्पिटल पहुंचे, उस दौरान वेदांता प्लांट के कुछ लोग वहां मौजूद थे। उन्होंने कहा कि घायलों के परिजनों के ठहरने के लिए पास के एक होटल में व्यवस्था की गई है। सनी के मुताबिक, कंपनी के दो लोग उन्हें होटल तक छोड़ने भी पहुंचे। लेकिन असली परेशानी वहां शुरू हुई। जैसे ही हम होटल पहुंचे और रूम देने की बात की, वहां मौजूद स्टाफ ने हमसे पैसे मांगे। उन्होंने साफ कहा कि पैसे देने के बाद ही रूम मिलेगा, ‘सनी ने बताया, करीब आधे घंटे से 45 मिनट तक हम होटल के रिसेप्शन में ही बैठे रहे। काफी बहस और आग्रह के बाद आखिरकार उन्हें कमरा दिया गया। सनी ने कहा, ‘हम पहले से ही अपने भाई को लेकर परेशान हैं, ऊपर से यहां भी ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ा। अब सुबह फिर से हम अपने भाई को ढूंढने निकलेंगे।’ 20 घंटे बाद भी नहीं जारी हुई सूची वेदांता प्लांट में हुए भीषण हादसे को 20 घंटे से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन अब तक घायलों और मृतकों की आधिकारिक सूची और पहचान जारी नहीं की गई है। परिजन लगातार अस्पतालों और प्रशासन के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही। इस वजह से कई परिवार अब भी अपनों की तलाश में भटक रहे हैं। किसी को यह तक नहीं पता कि उनका परिजन किस अस्पताल में भर्ती है या उसकी स्थिति क्या है। प्लांट की बड़ी लापरवाही आधी रात तक अंदर रखे रहे शव हादसे के बाद प्रबंधन की बड़ी लापरवाही भी सामने आई। दैनिक भास्कर की टीम जब रात करीब 12 बजे प्लांट पहुंची, तो चौंकाने वाला दृश्य देखने को मिला। प्लांट के अंदर एक एंबुलेंस में दो शव रखे हुए थे, जिन्हें बाहर नहीं ले जाया गया था। प्लांट के बाहर लोग प्रदर्शन कर रहे थे। आशंका थी कि अगर शव बाहर लाए गए तो भीड़ और उग्र हो सकती है। इसी वजह से शवों को अंदर ही रोके रखा गया। जब बाहर की भीड़ कुछ कम हुई, तब एंबुलेंस में रखे शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल रवाना किया गया।
…………………………. इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… छत्तीसगढ़ पावर प्लांट हादसा- अब तक 16 की मौत:36 लोग झुलसे; वेदांता मृतकों के परिजन को 35-35 लाख मुआवजा और नौकरी देगी छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में वेदांता पावर प्लांट में मंगलवार दोपहर बॉयलर ब्लास्ट हो गया। हादसे में 16 मजदूरों की मौत हो गई। 4 की मौके पर ही जान गई, जबकि 5 की मौत रायगढ़ मेडिकल कॉलेज, 5 की जिला अस्पताल रायगढ़ और 2 की रायपुर के कालड़ा अस्पताल में इलाज के दौरान हुई। पढ़ें पूरी खबर
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