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छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग ने इस साल भी पीएम पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत स्कूलों के लिए बर्तनों की बड़ी खरीदी की प्रक्रिया शुरू की है। हर पांच साल में विभाग बर्तन बदलने के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च करता है। इस बार कुल 30.27 करोड़ रुपए की खरीदी की जा रही है। वर्क ऑर्डर भी जारी हो चुका है। ताज्जुब की बात यह है कि इस बार खरीदी की लिस्ट में कुकर छोड़कर बाकी सभी सामान के लिए एसएस यानी स्टेनलेस स्टील का प्रयोग करने को कहा गया है। लेकिन कुकर एल्युमीनियम का खरीदा जा रहा है। वह भी करीब 6 करोड़ रुपए का। बच्चों के समग्र स्वास्थ्य के लिए शुरू हुई पीएम पोषण शक्ति निर्माण योजना का उद्देश्य पोषण की स्थिति में सुधार करना, स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाना और कुपोषण को कम करना है। इस योजना में जारी दिशा निर्देशों के तहत स्टील या फूड ग्रेड स्टेनलेस स्टील के बर्तन इस्तेमाल करने के स्पष्ट निर्देश हैं। इसके बाद भी शिक्षा विभाग इस गाइडलाइन को दरकिनार कर एल्युमीनियम के कुकर की खरीदी कर रहा है। इसे लेकर खाद्य आयोग से 16 सितंबर को शिकायत की गई है। आयोग ने इस बारे में मुख्यमंत्री और स्कूल शिक्षा सचिव को पत्र लिखा है। इसके बाद भी शिक्षा विभाग ने उसी दिन, यानी 22 सितंबर को ही वर्कऑर्डर जारी कर दिया, वह भी पुरानी दर यानी 12% पर। इन बर्तनों की होगी खरीदी
शिक्षा विभाग ने इस बार राज्य के सभी जिलों के स्कूलों में मिड-डे मील और अन्य उपयोग के लिए बर्तनों की नई खेप मंगाने का आदेश जारी किया है। जानकारी के अनुसार, करीब 31 करोड़ रुपए की खरीदी स्वीकृत की गई है। इसमें कुकर, भगोना, कढ़ाई, चौमुखा, बकेट, जग, धामा, परात, सर्विस चम्मच, कर्छुल, झारा, खुरपा, उर्चनी और खोमचा शामिल हैं। इतने कुकर खरीदे जा रहे हैं
सूत्रों के अनुसार, राज्य के लगभग 28 हजार 568 सरकारी स्कूलों व किचन के लिए करीब 33 हजार 828 प्रेशर कुकर खरीदे जा रहे हैं। ये सभी एल्युमीनियम मटेरियल के होंगे। इनकी क्षमता 10 से 15 लीटर तक रखी गई है। हर स्कूल को विद्यार्थियों की संख्या के हिसाब से एक या दो कुकर दिए जाएंगे। इस ऑर्डर की कुल कीमत लगभग 6 करोड़ रुपए है। 22 सितंबर को जीएसटी लागू हुई, उसी शाम को निकला ऑर्डर स्कूल शिक्षा विभाग ने ‘पीएम पोषण’ योजना के अंतर्गत एल्यूमीनियम कूकर एवं बर्तनों की सप्लाई के लिए 4 अगस्त को निविदा क्रमांक GEM/2025/B/6513185 जारी किया था। निविदा जमा करने की अंतिम तिथि 29 अगस्त दोपहर 3 तक निर्धारित थी। 3 सितंबर को केंद्रीय वित्त मंत्री ने ‘जीएसटी 2.0’ जारी किया। इसे 22 सितंबर की मध्यरात्रि से देश भर में लागू किया गया है। आम जनता को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से बर्तनों में पूर्व निर्धारित जीएसटी की दर 12% के स्थान पर जनता को राहत पहुंचाते हुए 5% किया गया है। दूसरी ओर बचत की घोषणा को दरकिनार करते हुए ‘जीएसटी 2.0’ लागू होने के बाद 22 सितंबर को पूर्व जीएसटी की दर के अनुसार वर्कऑर्डर जारी कर दिया गया।
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