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विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर मनेन्द्रगढ़ के सिविल अस्पताल में एक जनजागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग ने विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को मलेरिया से बचाव के प्रति जागरूक किया। अस्पताल परिसर में स्टाफ नर्सों और पैरामेडिकल छात्राओं ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए। उन्होंने लोगों को मलेरिया के लक्षण, कारण और बचाव के उपायों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इसके साथ ही, एक रैली भी निकाली गई, जिसके माध्यम से आमजन को साफ-सफाई, मच्छरों से बचाव और समय पर इलाज के महत्व का संदेश दिया गया। अस्पताल अधीक्षक डॉ. स्वप्निल तिवारी ने बताया कि शासन का लक्ष्य वर्ष 2027 तक मलेरिया संक्रमण को समाप्त करना है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2030 तक इस बीमारी का पूर्ण उन्मूलन करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। डॉ. तिवारी ने स्वास्थ्य विभाग के निरंतर प्रयासों और उनके सकारात्मक परिणामों का भी उल्लेख किया। मलेरिया के मामलों में गिरावट दर्ज एमसीबी जिले में मलेरिया के मामलों में लगातार कमी दर्ज की गई है। वर्ष 2025-26 में जिले में केवल 30 मलेरिया मरीज सामने आए, जो स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों की सफलता को दर्शाता है। स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखें। पानी जमा न होने दें और मच्छरदानी का नियमित उपयोग करें, ताकि मलेरिया जैसी बीमारियों से सुरक्षित रहा जा सके।
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