भास्कर न्यूज | कवर्धा जिला पंचायत की सामान्य प्रशासन स्थाई समिति की बैठक में विकास कार्यों और सरकारी फंड की बारीकी से समीक्षा की गई। बैठक में सबसे अहम मुद्दा जिला पंचायत विकास निधि और 15वें वित्त आयोग के तहत खर्च की गई राशि का रहा। विश्लेषण से पता चला है कि जिले में विकास के लिए करोड़ों का बजट स्वीकृत है, लेकिन अभी भी कई कार्य फाइलों और धरातल के बीच अटके हुए हैं। सदन में लेखाधिकारी ने जिला पंचायत विकास निधि के तहत पिछले 5 वर्षों का हिसाब दिया। बताया कि पिछले 5 वर्षों में शासन से 3.42 करोड़ रुपए का आवंटन प्राप्त हुआ है। जिला पंचायत ने 3.34 करोड़ रुपए की लागत से कुल 158 कार्यों को प्रशासकीय स्वीकृति दी। इनमें से 130 कार्य पूरे हो चुके हैं, जबकि 28 कार्य अभी पेंडिंग हैं। अब तक निर्माण कार्यों पर 3.04 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं। जिपं अध्यक्ष ईश्वरी साहू ने नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि जो 28 कार्य अधूरे हैं, उन्हें तत्काल समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत, 307 कार्य पूरे नहीं हो पाए हैं ग्रामीण विकास की रीढ़ माने जाने वाले 15वें वित्त आयोग के कार्यों की भी कार्यवार समीक्षा की गई। पिछले 6 वर्षों का रिपोर्ट कार्ड सदन में प्रस्तुत किया गया। जिला पंचायत सदस्यों द्वारा कुल 1775 कार्यों का अनुमोदन किया गया। इनमें से 1691 कार्यों को तकनीकी और प्रशासकीय स्वीकृति मिली। बताया गया कि वर्तमान में 1468 कार्य पूर्ण हैं, लेकिन 307 कार्य अभी भी पूर्णता की राह देख रहे हैं। कस्तूरबा विद्यालय में भोजन व्यवस्था गड़बड़ाई सीईओ अभिषेक अग्रवाल ने विकास निधि के साथ संस्थागत व्यवस्थाओं पर भी जोर दिया। ग्राम दुल्लापुर स्थित कस्तूरबा आवासीय विद्यालय में भोजन व्यवस्था में सुधार के लिए कड़े निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता के साथ सामाजिक सुरक्षा के कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। इसके अलावा बैठक में उन्होंने अन्य बिंदुओं पर चर्चा कर निर्देश दिए।
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