भास्कर न्यूज | बालोद हाईस्कूल जमरूवा के संकुल केंद्र भवन में 7 से 11 अप्रैल तक नवीन पाठ्य पुस्तक आधारित पांच दिवसीय जिला स्तरीय सह एफएलएन प्रशिक्षण हुआ। जिसमें जिले के 5 ब्लॉक के 60 बीआरजी शिक्षक शामिल हुए। एनसीईआरटी रायपुर के निर्देश पर डाईट दुर्ग के एफएलएन प्रभारी डॉक्टर वंदना सिंह, सहायक प्रोफेसर एवं डॉक्टर नीलम दुबे, सहायक प्रोफेसर के मार्गदर्शन में डीआरजी संतोष डाहरे, लोमस साहू, लालमणी साहू, पितेश्वर साहू, धर्मेंद्र निषाद, एलएलएफ के ब्लॉक कोआर्डिनेटर सनत वर्मा एवं बालोद टीम के मास्टर ट्रेनर ने कक्षा पहली से कक्षा चौथी के नवीन पाठ्य पुस्तकों में गणित, भाषा, खेल, योग, कला अंग्रेजी, पर्यावरण से संबंधित विषयों में प्रशिक्षण दिया। स्कूल एजुकेशन के तहत कक्षा तीसरी से 12वीं तक और फाउंडेशनल स्टेज(बुनियादी स्टेज) बालवाड़ी से लेकर कक्षा दूसरी के संबंध में विस्तारपूर्ण जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में बताया गया कि पुस्तकों का नाम वाद्ययंत्रों के रुप में रहेगा। कक्षा चौथी में हिंदी विषय का नाम वीणा, अंग्रेजी का नाम संतूर, गणित का नाम गणित मेला, पर्यावरण का नाम अद्भुत संसार रहेगा। यहां से प्रशिक्षण लेने वाले अब ब्लॉक स्तर पर विषयवार शिक्षकों को प्रशिक्षण देंगे। ऑफलाइन के अलावा ऑनलाइन प्रशिक्षण का दौर चलेगा। इसके पहले जोन स्तर पर प्रशिक्षण दिया जा चुका है। कक्षा तीसरी के कला शिक्षा को बांसुरी नाम दिया शिक्षकों को प्रशिक्षकों ने जानकारी दी जा चुकी है कि अंग्रेजी विषय का नाम कक्षा पहली व दूसरी में मृदंग, तीसरी मंे संतूर, हिंदी विषय का नाम वीणा, गणित का नाम आनंदमय व गणितमेला, पर्यावरण विषय को हमारा अद्भुत संसार नाम दिया गया है। कला शिक्षा को बांसुरी नाम दिया गया है। जिसकी पढ़ाई कक्षा तीसरी के बच्चे करेंगे। इन्हीं विषयांे को रोचक तरीके से कैसे पढ़ाना है, इस संबंध में शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को आधार मानकर नवीन पाठ्यपुस्तक डिजाइन किया गया है। पढ़ाई को रोचक बनाने व बच्चों को जल्दी समझ आ सकें। इस उद्देश्य से नवाचार किया जा रहा है। इसकी जानकारी दी जा रही है। नवीन पाठ्यपुस्तक पर विस्तृत चर्चा की गई प्रशिक्षण में हिंदी, गणित, अंग्रेजी, पर्यावरण, बांसुरी, योग-कला एवं खेल के नवीन पाठ्यपुस्तक पर विस्तृत चर्चा व गतिविधियों के माध्यम से सीखने की प्रक्रिया को बताया गया। शिक्षकों को बताया गया कि पाठ्यपुस्तक आधारित अभ्यास पुस्तिका तैयार किया गया है। जिसमे बच्चे दिए गए गतिविधियों को शिक्षक के सहयोग से बहुत अच्छे से करते हैं और सीखते जाते हैं। साथ ही जो बच्चे नही सीख पाते उसके लिए उपचारात्मक शिक्षण के तहत संभव एवं शिखर अभ्यास पुस्तक के माध्यम से सिखाने का प्रयास किया जाना है। पिछले सत्र से कक्षा 1-3 तक की पाठ्यपुस्तक में बदलाव हुआ था। जो एनसीईआरटी से लिया गया है। इसके बारे में बता रहे हैं।
<
