![]()
बीजापुर जिले के मट्टी मरका गांव में कलेक्टर विश्वदीप ने ग्रामीणों के साथ मेट (चटाई) पर बैठकर रात्रिकालीन चौपाल में उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को मट्टी मरका को पर्यटन हब के रूप में विकसित करने और विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। यह अनूठी तस्वीर शुक्रवार रात देखने को मिली, जहां कलेक्टर ने सीधे ग्रामीणों से संवाद किया। बस्तर में सशस्त्र नक्सलवाद के खात्मे के बाद अब रात में भी जिले के आला अधिकारी लोगों से सीधे जुड़ने के लिए पहुंच रहे हैं, जो क्षेत्र में बदलती सुरक्षा स्थिति को दर्शाता है। कलेक्टर ने जोर दिया कि पर्यटन विकास के साथ-साथ गांव में सड़क, पेयजल, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी समयबद्ध विस्तार किया जाएगा। ग्रामीणों द्वारा उठाई गई समस्याओं पर संबंधित विभागों के अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने बजट में मट्टी मरका डायवर्सन योजना को शामिल किया है। इस योजना के तहत किसानों को सिंचाई की समुचित सुविधा मिलेगी, जिससे कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी। इससे क्षेत्र में अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास के द्वार भी खुलेंगे और स्थानीय विकास को नई गति मिलेगी। मट्टी मरका दौरे के दौरान बीजापुर पुलिस अधीक्षक जितेंद्र यादव और जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी नम्रता चौबे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। प्रशासन का मानना है कि पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। लक्ष्मी राजवाड़े ने किया नक्सल प्रभावित क्षेत्रों का दौरा महिला-बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े शुक्रवार को बीजापुर पहुंचीं। उन्होंने सुकमा और बीजापुर जिलों के नक्सल प्रभावित और अतिसंवेदनशील क्षेत्रों का दौरा किया। मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सुकमा जिले के जगरगुंडा, दोरनापाल और सिलगेर जैसे अतिसंवेदनशील क्षेत्रों से होते हुए यात्रा की। इसके बाद वे बीजापुर जिले के नक्सल-मुक्त ग्राम सारकेगुड़ा, बासागुड़ा और आवापल्ली के मार्ग से जिला मुख्यालय तक पहुंचीं। बीजापुर पहुंचने पर जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया।
<
