भास्कर न्यूज|कवर्धा अदालतों में आमतौर पर फैसले होते हैं, सजा सुनाई जाती है और कानूनी लड़ाइयां खत्म होती हैं। लेकिन शनिवार को कबीरधाम जिला न्यायालय का नजारा कुछ अलग था। यहां सिर्फ फाइलें बंद नहीं हुईं, बल्कि टूटे रिश्ते भी फिर जुड़ गए। कहीं पति-पत्नी वर्षों की नाराजगी भूलकर साथ लौटे, तो कहीं बच्चों को अपने माता-पिता फिर एक छत के नीचे मिल गए। नेशनल लोक अदालत में जिलेभर के 31,734 प्रकरणों का निराकरण हुआ। 10 करोड़ 77 लाख रुपए से अधिक राशि से जुड़े मामलों का समाधान निकला। लेकिन सबसे भावुक तस्वीर परिवार न्यायालय से सामने आई। यहां 25 वैवाहिक विवादों का समझौते के साथ अंत हुआ और बिछड़े परिवारों में खुशियां लौट आईं। लोक अदालत में एक ऐसा मामला भी सामने आया, जहां पति की शराब की लत ने पत्नी और दो बच्चों की जिंदगी मुश्किल बना दी थी। पति अपनी पूरी कमाई शराब में खर्च कर देता था और परिवार को प्रताड़ित करता था। परेशान होकर पत्नी ने अलग रहकर भरण-पोषण के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था। परिवार न्यायालय में समझाइश और परामर्श के बाद पति-पत्नी ने फिर साथ रहने का फैसला किया। अदालत से बाहर निकलते वक्त दोनों के चेहरों पर राहत थी। टूटा रिश्ता लोक अदालत में फिर बनी बात: एक अन्य मामले में नवविवाहित दंपती, जिनकी शादी 2025 में हुई थी। विवाह के महज 20-25 दिन बाद अलग हो गए थे। मामला परिवार न्यायालय पहुंचा। लंबी बातचीत और काउंसिलिंग के बाद दोनों ने अपने मतभेद भुलाकर फिर से साथ रहने की सहमति दी। अदालत परिसर में दोनों परिवारों के चेहरों पर संतोष साफ दिख रहा था।
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