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छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में 62 साल की महिला के अपहरण की साजिश का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड महिला का ही पुराना ड्राइवर निकला। दरअसल महिला के पति एसईसीएल में कर्मचारी थे और रिटायरमेंट के बाद उन्हें अच्छी-खासी रकम मिली थी। इसी बात की जानकारी ड्राइवर को पहले से थी। रिटायरमेंट के पैसों के लालच में आकर उसने अपने साथियों के साथ मिलकर महिला को अगवा करने और 22 लाख रुपए की फिरौती मांगने की साजिश रच डाली। फिलहाल पुलिस ने अगवा महिला को सुरक्षित बरामद कर लिया है और मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार भी किया है, जबकि एक आरोपी अभी फरार है। मामला सूरजपुर कोतवाली थाना क्षेत्र का है। पहले देखिए तस्वीरें अब जानिए पूरा मामला जानकारी के मुताबिक घटना 29 अप्रैल 2026 की है। ग्राम सरनापारा में रहने वाले पैत्रुस कुजूर ने 30 अप्रैल को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 29 अप्रैल की सुबह वह अपने ड्राइवर के साथ अपनी एक्सीडेंट हुई गाड़ी ठीक कराने अंबिकापुर गया था। उस समय उसकी पत्नी ललिता कुजूर घर पर अकेली थी। दोपहर करीब 1 बजे उसकी पत्नी ने कॉल कर पूछा कि वह घर कब आएंगे, तो उसने बताया कि वह अंबिकापुर से निकल रहा है। इसके बाद जब वह दोपहर करीब 3:30 बजे अपने ड्राइवर के साथ घर पहुंचा, तो उसकी पत्नी घर पर नहीं थी। घर का सामान फैला हुआ था और कुछ स्थानों पर खून भी गिरा था। उसने आसपास और परिचितों के घर पत्नी की तलाश की, लेकिन उसका पता नहीं चला। तभी करीब 3:50 बजे पत्नी के मोबाइल से उसे कॉल आया। कॉल पर एक अज्ञात व्यक्ति ने कहा कि अगर अपनी पत्नी को वापस चाहते हो तो 22 लाख रुपए दो, नहीं तो वह तुम्हें नहीं मिलेगी। इसके बाद ललिता कुजूर का फोन बंद हो गया। अगवा महिला की तलाश के लिए 3 टीम गठित मामले की जानकारी मिलते ही डीआईजी और एसएसपी सूरजपुर प्रशांत कुमार ठाकुर ने इसे गंभीरता से लिया। उन्होंने तुरंत अगवा महिला को ढूंढने और आरोपियों को पकड़ने के लिए 3 पुलिस टीम बनाई। पुलिस टीमों ने मौके पर जाकर जांच की और आसपास के इलाकों में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया। इसी दौरान पुलिस को पैत्रुस कुजूर के पहले काम कर चुके ड्राइवर रौशन देवांगन (21) पर संदेह हुआ। पुलिस ने उसे ग्राम मानपुर से पकड़कर पूछताछ की तो उसने माना कि वह ललिता के अपहरण में शामिल था। ड्राइवर ने रची अपहरण की साजिश, फिरौती के लिए किया किडनैप पूछताछ में उसने बताया कि वह पहले करीब 18 महीने तक पैत्रुस की गाड़ी चलाता था। इसलिए उसे पता था कि पैत्रुस एसईसीएल से रिटायर हुआ है और उसे काफी पैसा मिला है। पैसे के लालच में उसने अपने साथियों के साथ मिलकर किडनैपिंग की योजना बनाई। वह अपने साथी शेख इशू (23) और एक अन्य के साथ पैत्रुस के घर गया। वहां उसने ललिता से पीने के लिए पानी मांगने के बहाने बात की। इसके बाद मौका देखकर महिला को पकड़ लिया, उसे घर के अंदर ले गए और उसके मुंह-आंख पर टेप लगा दिया। उसके हाथ-पैर भी बांध दिए। फिर उसे बाइक से डुमरिया स्थित रौशन की टायर पंचर दुकान पर ले गए। वहां से उसका मोबाइल लेकर ग्राम रूनियाडीह पहुंचे और पैत्रुस को फोन कर 22 लाख रुपए की फिरौती मांगी। इसके बाद मोबाइल बंद कर दिए। पकड़े जाने के डर से अगवा महिला को छोड़ा पकड़े जाने के डर और पुलिस की लगातार पेट्रोलिंग को देखते हुए अपहरण करने वाले दो अन्य आरोपियों ने पैत्रुस की पत्नी ललिता को छोड़ने का फैसला किया। वे उसे डुमरिया से पीढ़ा होते हुए पर्री-चंदरपुर बायपास रोड पर ले गए और वहां घायल हालत में छोड़कर भाग गए। इसके बाद उन्होंने महिला को ढकने वाला कंबल, बांधने की रस्सी और मुंह पर लगाया टेप निकालकर वहीं जला दिया और मौके से फरार हो गए। अगवा महिला ने फोन कर दी जानकारी इसके बाद महिला किसी तरह पास के एक घर पहुंची और वहां से मोबाइल से जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम और उसका पति मौके पर पहुंचे। महिला घायल थी, इसलिए पुलिस ने तुरंत उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल सूरजपुर में भर्ती कराया। इसी बीच जब रौशन देवांगन के पकड़े जाने की खबर मिली, तो दूसरा आरोपी शेख इशू भागकर बिलासपुर की ओर जाने लगा। पुलिस ने केतका इलाके में घेराबंदी कर उसे भी पकड़ लिया। पुलिस ने उनके पास से घटना में इस्तेमाज 1 बाइक, एक स्कूटी और दो मोबाइल जब्त किया है। फरार तीसरे आरोपी की तलाश की जा रही है। ………………… क्राइम से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… मामा के बेटे के अपहरण का मास्टरमाइंड निकला भांजा:हनीट्रैप से फंसाया, कार से किडनैप कर 1 करोड़ फिरौती मांगी; युवती समेत 5 अरेस्ट छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में 16 साल के लड़के को हनीट्रैप में फंसाकर किडनैप कर लिया गया। इसके बाद किडनैपरों ने उसके पिता को वीडियो भेजकर 1 करोड़ की फिरौती मांगी। इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड पीड़ित शख्स का सगा भांजा निकला। पुलिस ने नाबालिग को सुरक्षित बरामद कर लिया है। पढ़ें पूरी खबर…
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