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रायपुर जिले की आरंग तहसील में अवैध रेत खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए केंद्रीय उड़न दस्ते और खनिज विभाग की संयुक्त टीम ने दो दिनों तक लगातार छापेमारी की। मंगलवार और बुधवार देर शाम तक चले इस अभियान में महानदी के चिखली, कुरूद और हरदीडीह रेत घाटों से अवैध खनन में लगी 12 चेन माउंटेन मशीनों को जब्त किया गया। खनिज सचिव पी दयानंद और संचालक रजत बंसल के निर्देश पर पहुंची केंद्रीय टीम ने सबसे पहले ड्रोन और आधुनिक उपकरणों की मदद से पूरे रेत घाट क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण किया। ड्रोन फुटेज में अवैध खनन में लगी मशीनें और रेत के विशाल अवैध भंडारण स्पष्ट रूप से सामने आए। ड्रोन से निगरानी, फिर शुरू हुई कार्रवाई इसके बाद टीम ने जमीनी कार्रवाई शुरू की, जो लगातार दो दिन तक जारी रही। इस दौरान अवैध खनन में लगी कुल 12 चेन माउंटेन मशीनों को जब्त किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, इन मशीनों की कीमत लाखों रुपये में है। इसके साथ ही, क्षमता से अधिक पाए गए रेत भंडारण को भी सील कर संबंधितों को नोटिस जारी किए गए हैं। 24 घंटे चल रहा था अवैध खनन जानकारी के अनुसार, रायपुर और बलौदा बाजार जिले की सीमा पर स्थित महानदी के चिखली, कुरूद और हरदीडीह घाटों पर लंबे समय से अवैध खनन जारी था। यहां दिन-रात मशीनों से रेत निकाली जा रही थी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि रोजाना करीब 500 से अधिक हाइवा वाहन बिना वैध रॉयल्टी पर्ची के ओवरलोड रेत लेकर निकलते थे। स्थानीय प्रशासन और माइनिंग विभाग की ओर से पहले की गई कार्रवाई को अपर्याप्त माना जा रहा था। रेत भंडारण डिपो भी जांच के दायरे में कार्रवाई का दूसरा चरण चिखली, कुरूद और समोदा के रेत स्टॉक यार्ड पर केंद्रित रहा। जांच के दौरान चिखली स्टॉक यार्ड में अनुमति से कहीं अधिक रेत का भंडारण पाया गया। खनिज विभाग ने मौके पर माप-तौल कर अतिरिक्त रेत को जब्त कर लिया और संबंधित स्टॉकिस्ट को कारण बताओ नोटिस जारी किया। विभाग ने संकेत दिए हैं कि नियम विरुद्ध संचालन पाए जाने पर कॉन्ट्रेक्ट कैंसिल करने जैसी सख्त कार्रवाई भी की जा सकती है। सीमा क्षेत्र का फायदा उठा रहे थे रेत माफिया जानकारी के मुताबिक, रायपुर और बलौदा बाजार जिले की सीमा होने के कारण रेत माफिया इस इलाके का भरपूर फायदा उठा रहे थे।ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ प्रभावशाली लोगों की मिलीभगत से वर्षों से राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि महानदी से लाखों ट्रिप रेत निकाली जा चुकी है, जिससे नदी की प्राकृतिक धारा और पर्यावरण दोनों प्रभावित हो रहे हैं। हजारों ट्रिप रेत अब भी अवैध भंडारण में पड़ी हुई बताई जा रही है। ग्रामीणों की मांग: जब्त रेत की हो नीलामी क्षेत्र के लोगों ने क्षमता से अधिक डंप की गई रेत के खिलाफ सख्त कार्रवाई और जब्त सामग्री की नीलामी की मांग उठाई है। उनका कहना है कि लगातार हो रहे अवैध खनन से महानदी का अस्तित्व और पर्यावरण संतुलन खतरे में पड़ गया है। विभाग बोला-जांच जारी, और कार्रवाई होगी खनिज विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे की जांच के आदेश दिए गए हैं। अवैध खनन में शामिल लोगों और मशीनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस बड़ी कार्रवाई के बाद रेत कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं, केंद्रीय टीम की अचानक हुई दबिश ने जिला स्तर पर निगरानी व्यवस्था और प्रशासनिक ढिलाई पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
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