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अंबिकापुर के बस स्टैंड के पास रिंगरोड से लगे पुराने जलस्रोत को पाटने को लेकर भाजपा एवं कांग्रेस के पार्षदों ने मोर्चा खोल दिया है। मामले में विवाद बढ़ने के बाद प्रशासन एवं नगर निगम ने जल क्षेत्र को पाटने पर रोक लगा दी है। अंबिकापुर तहसीलदार ने जमीन को निजी स्वामित्व का बताते हुए भू-स्वामि को दस्तावेज सहित कार्यालय तलब किया है। जमीन के दस्तावेजों की जांच होगी। जानकारी के मुताबिक, रविवार की रात जेसीबी एवं डंफरों से मिट्टी डालकर रिंगरोड से लगे पुराने तालाब को पाटा जा रहा था। कांग्रेस पार्षद शुभम जायसवाल ने इसे लेकर वीडियो बनाया और सूचना प्रशासनिक अधिकारियों को दी गई। बताया गया हैै कि यह तालाब रियासतकाल से बना हुआ है। यहां पानी बड़ी मात्रा में एकत्र होता है, जो जलक्षेत्र बन गया है। विरोध के बाद अंबिकापुर नगर निगम एवं तहसीलदार ने जल क्षेत्र में मिट्टी भराव को लेकर स्टे लगा दिया है। भाजपा पार्षदों ने भी उठाया सवाल
मामले में भाजपा पार्षद मनीष सिंह ने भी आपत्ति दर्ज कराई है। मनीष सिंह ने कहा कि यह तालाब सालों से बना हुआ है। इसे भू माफियाओं द्वारा पाटकर समतल किया जा रहा है, ताकि इसे प्लाटिंग कर बेचा जा सके। भू माफिया लगातार तालाबों एवं जलक्षेत्र को पाटकर समतल कर रहे हैं। इससे अंबिकापुर क्षेत्र में जल क्षेत्र कम होता जा रहा है। भाजपा पार्षद आलोक दुबे ने कहा कि उक्त जमीन कांग्रेस से जुड़े भू माफिया आजाद इराकी के नाम पर दर्ज है। नियमानुसार कोई भी जल क्षेत्र जो भले ही राजस्व रिकार्ड में दर्ज न हो, यदि सालों से बने हुए हैं तो उन्हें नहीं पाटा जा सकता। इसमें भाजपा-कांग्रेस से जुड़े बड़े लोग शामिल हैं। एसडीएम बोले-लगाई गई है रोक, दस्तावेजों की होगी जांच
मामले में अंबिकापुर एसडीएम फागेश सिन्हा ने बताया कि शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई करते हुए अंबिकापुर तहसीलदार ने भूमि में जल भराव को देखते हुए इसे पाटने के कार्य पर तत्काल रोक लगा दी है। उक्त भूमि जयनगर निवासी आजाद इराकी के नाम पर दर्ज है। आजाद इराकी को जमीन के दस्तावेजों के साथ 20 अप्रैल को तहसील न्यायालय में उपस्थित होने कहा गया है।
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