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आयुष मंत्रालय एवं संचालनालय आयुष छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार जिले में 9 से 23 अप्रैल तक “पोषण पखवाड़ा” के तहत विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन और जिला आयुष अधिकारी डॉ. स्वाति रावत के नेतृत्व में यह अभियान महिला एवं बाल विकास विभाग के समन्वय से संचालित हो रहा है। पोषण पखवाड़ा के अंतर्गत जिले के आयुष चिकित्सकों द्वारा पोषण से जुड़ी कई गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इसमें पोषक आहार प्रदर्शनी, काउंसलिंग, बच्चों, किशोरी बालिकाओं, गर्भवती और शिशुवती महिलाओं को संतुलित आहार के महत्व की जानकारी दी जा रही है। साथ ही कुपोषण के दुष्प्रभाव और उससे बचाव के उपायों पर भी विस्तार से मार्गदर्शन किया जा रहा है। बढ़ते स्क्रीन टाइम को कम करने की कोशिश कार्यक्रम के दौरान गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष जागरूकता सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। इसके अलावा बच्चों में बढ़ते स्क्रीन टाइम को कम करने और स्वस्थ दिनचर्या अपनाने के लिए भी लोगों को प्रेरित किया जा रहा है। इन सभी गतिविधियों के माध्यम से अब तक कुल 648 हितग्राही लाभान्वित हो चुके हैं। कुपोषण की समस्या को दूर करने का उद्देश्य उल्लेखनीय है कि आयुष विभाग द्वारा प्रतिवर्ष “पोषण पखवाड़ा” के जरिए जनजागरूकता अभियान चलाया जाता है। इसका उद्देश्य कुपोषण की समस्या को दूर करना और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना है। यह पहल समाज के विभिन्न वर्गों में पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और स्वस्थ भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
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