रायपुर में देवकीनंदन ठाकुर की भागवत कथा का तीसरा दिन:भक्ति और संस्कार का मिला संदेश, कहा- पद नहीं, सेवा ही मनुष्य की सबसे बड़ी पहचान

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रायपुर के बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में चल रही पूज्य देवकीनंदन ठाकुर की श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन भक्ति, सनातन संस्कार और जीवन दर्शन पर विस्तार से चर्चा हुई। कथा में राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा ने भी पहुंचकर व्यासपीठ का आशीर्वाद लिया और कथा सुनी। आयोजन समिति के योगेश अग्रवाल ने बताया कि कथा स्थल पर “नो तिलक, नो एंट्री” का नियम रखा गया है, जिसका श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा और अनुशासन के साथ पालन किया।
कथा के दौरान देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि जीवन में पद और प्रतिष्ठा से बड़ी सेवा होती है। उन्होंने कहा कि ईश्वर से मिला पद समाज और जरूरतमंद लोगों की सेवा के लिए होना चाहिए। उन्होंने कहा कि निस्वार्थ सेवा ही इंसान की सबसे बड़ी पहचान बनती है।
14 जुलाई तक जारी रहेगी कथा महाराज ने ध्रुव और राजा बलि के प्रसंग सुनाते हुए कहा कि भगवान की भक्ति के लिए किसी उम्र का इंतजार नहीं करना चाहिए। बचपन से ही भगवान के नाम, सत्संग और सेवा से जुड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि अहंकार का अंत तय है और मनुष्य को अपने कर्मों का फल जरूर मिलता है। इसलिए जीवन में सत्य, सेवा, दया और सदाचार का रास्ता अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत केवल धार्मिक कथा नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला ज्ञान है। आज लोग मनोरंजन के लिए समय निकाल लेते हैं, लेकिन भगवान की कथा के लिए देर से पहुंचते हैं। यदि सत्संग और भक्ति को भी जीवन का हिस्सा बनाया जाए तो मन में शांति और संतोष मिलता है। कथा 14 जुलाई तक प्रतिदिन दोपहर 3:30 बजे से बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में जारी रहेगी।
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