![]()
राजधानी रायपुर में ठगों ने महिला डॉक्टर को ट्रेडिंग स्कीम में मुनाफे का झांसा देकर 1.51 लाख रुपए ठग लिए, जब पैसे रिटर्न मिले तो उन्हें ठगी का एहसास हुआ। पीड़िता ने सिटी कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़िता डॉ. पूजा किशोर ने पुलिस को बताया कि वह बालगोपाल चिल्ड्रन हॉस्पिटल में डॉक्टर हैं और अस्पताल के हॉस्टल में रहती हैं। 24 अप्रैल 2026 को उनके व्हाट्सऐप पर दो अलग-अलग नंबरों से मैसेज आया। मैसेज करने वालों ने खुद को निवेश योजना से जुड़ा बताया और ज्यादा मुनाफा कमाने का लालच दिया। ठगों ने UPI के जरिए ट्रांसफर कराए पैसे ठगों ने डॉक्टर को विश्वास में लेकर अलग-अलग किश्तों में UPI के जरिए पैसे ट्रांसफर कराए। डॉक्टर ने कुल 13 ट्रांजेक्शन में रकम भेजी। इनमें 22,178 रुपए, 22,177 रुपए, 5,000 रुपए, 22,937 रुपये, 15,999 रुपये, 22,937 रुपये, 10,212 रुपये और 29,999 रुपये सहित कुल 1,51,439 रुपए ट्रांसफर किए गए। डॉ. पूजा ने बताया कि उनके बैंक खाते की ट्रांजेक्शन लिमिट 1 लाख रुपए थी। इसलिए ठगों के कहने पर उन्होंने अपने दोस्तों लोकेश बांडेबुच्चे और निरंजन सावंत के खातों से भी पैसे ट्रांसफर कराए। यह रकम कोटक महिंद्रा बैंक और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के अलग-अलग खातों में भेजी गई। पैसे रिटर्न नहीं होने पर मिलने पर ठगी का एहसास जब ठगों ने और पैसे मांगने शुरू किए और कोई रिटर्न नहीं मिला, तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने सिटी कोतवाली थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने इस मामले में BNS 2023 की धारा 318(4) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस संबंधित मोबाइल नंबर, बैंक खाते और UPI आईडी की पड़ताल कर रही है। इसके साथ ही पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया या व्हाट्सऐप पर आने वाली किसी भी निवेश योजना पर बिना जांच-परख के भरोसा न करें।
<
