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राजधानी रायपुर में प्रतिबंधित नशीली कफ सिरप की तस्करी के मामले में विशेष न्यायालय (एनडीपीएस एक्ट) ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने आरोपी पुरुषोत्तम साहू उर्फ भक्का को NDPS एक्ट की धारा 21(C) के तहत दोषी ठहराते हुए 20 साल के कठोर कारावास और 2 लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा नहीं करने पर 2 साल अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। फैसला विशेष न्यायाधीश किरण थवाईत की अदालत ने सुनाया। मुखबिर सूचना पर हुई कार्रवाई मामला 11 अप्रैल 2024 का है। थाना टिकरापारा के सहायक उपनिरीक्षक जयनारायण यादव को मुखबिर से सूचना मिली थी कि लालपुर ओवरब्रिज के नीचे एक युवक पीले रंग के थैले में प्रतिबंधित नशीली कफ सिरप रखे हुए है। सूचना के बाद पुलिस टीम ने गवाहों की मौजूदगी में रेड कार्रवाई की। थैले से मिली 50 बोतल नशीली कफ सिरप पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी पुरुषोत्तम साहू उर्फ भक्का को पकड़ा। तलाशी में उसके पास मौजूद पीले बैग से ट्राइप्रोलिडीन हाइड्रोक्लोराइड एवं कोडीन फॉस्फेट युक्त टस्कोरेक्स कफ सिरप की 50 बोतलें बरामद हुईं। प्रत्येक बोतल 100 एमएल की थी। कुल 5 लीटर (5000 एमएल) नशीली सिरप जब्त की गई। दस्तावेज नहीं दिखा सका आरोपी पुलिस ने आरोपी से सिरप रखने के वैध दस्तावेज मांगे, लेकिन वह कोई कागजात पेश नहीं कर सका। इसके बाद जब्ती, सीलिंग और सैंपलिंग की पूरी वैधानिक प्रक्रिया मौके पर पूरी की गई और आरोपी को गिरफ्तार किया गया। FSL जांच में हुई पुष्टि मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष सैंपलिंग और इन्वेंट्री कराई गई। बाद में सैंपल एफएसएल रायपुर भेजे गए, जहां जांच में सिरप में कोडीन फॉस्फेट युक्त टस्कोरेक्स की पुष्टि हुई। इसके आधार पर आरोपी के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 21(C) के तहत चालान पेश किया गया। कोर्ट ने माना गंभीर अपराध सुनवाई के दौरान अभियोजन ने बरामदगी, एफएसएल रिपोर्ट और जांच प्रक्रिया के आधार पर आरोप सिद्ध किया। विशेष न्यायाधीश ने आरोपी को दोषी मानते हुए 20 वर्ष कारावास, 2 लाख रुपए जुर्माना, और जुर्माना न देने पर 2 वर्ष अतिरिक्त सजा सुनाई। क्या है धारा 21(C) एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(C) वाणिज्यिक मात्रा में मादक पदार्थ रखने या तस्करी से जुड़ी है। इसमें कठोर सजा का प्रावधान है। इस फैसले को रायपुर में नशीले पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।
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