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विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर रायपुर जिले में बाल श्रम के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई। खमतराई थाना क्षेत्र स्थित मारुति नंदन स्ट्रक्चर्स प्राइवेट लिमिटेड यूनिट-02 में संयुक्त टीम ने निरीक्षण के दौरान जोखिमपूर्ण कार्य में लगे 9 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर जिला बाल संरक्षण इकाई, श्रम विभाग, पुलिस विभाग, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन की संयुक्त टीम ने 12 जून को प्रतिष्ठान का निरीक्षण किया। जांच के दौरान बच्चों से श्रम कराए जाने की पुष्टि होने पर उन्हें तत्काल वहां से मुक्त कराया गया। जिला प्रशासन द्वारा 1 जून से 30 जून 2026 तक बाल श्रम उन्मूलन एवं बच्चों के अधिकारों के संरक्षण के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत जिले के विभिन्न औद्योगिक, व्यावसायिक और अन्य प्रतिष्ठानों में लगातार निरीक्षण और सघन जांच की जा रही है। बच्चों को कराया जायेगा सुरक्षित वातावरण उपलब्ध मुक्त कराए गए सभी बच्चों को नियमानुसार बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। साथ ही उनके पुनर्वास, परामर्श, शिक्षा और संरक्षण से जुड़ी आवश्यक कार्रवाई भी की जा रही है ताकि उन्हें सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की तैयारी जिला प्रशासन ने बाल श्रम कराने वाले प्रतिष्ठान संचालकों को कानून के प्रावधानों की जानकारी देते हुए कड़ी चेतावनी दी है। मामले में किशोर न्याय अधिनियम, बालक एवं किशोर श्रम अधिनियम, भारतीय न्याय संहिता तथा अनुसूचित जाति अत्याचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की तैयारी की गई है। चाइल्ड हेल्पलाइन पर दे सकते है जानकारी प्रशासन की ओर से प्रतिष्ठान के संचालक, प्रबंधक, ठेकेदार और अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ खमतराई थाना में एफआईआर दर्ज कराने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया है। जिला बाल संरक्षण इकाई ने आमजन से अपील की है कि कहीं भी बच्चों से मजदूरी कराए जाने की जानकारी मिलने पर तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 या संबंधित विभाग को सूचना दें।
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