छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में रेत तस्करी विवाद में भाजपा नेता और पूर्व जनपद पंचायत अध्यक्ष भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह समेत तीन लोगों की हत्या के मामले में चार आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। तनाव की स्थिति को देखते हुए बैकुंठपुर और नौगईं में धारा 163 (5
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कोरिया जिले के नौगईं में मंगलवार की रात आरोपियों ने फॉर्च्यूनर के आगे-पीछे हाईवा अड़ाकर रास्ता रोका, फिर वाहन पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। इस हमले में भाजपा के पूर्व जनपद पंचायत अध्यक्ष भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह जिंदा जल गए थे।
हमले में घायल रिश्तेदार वीरेंद्र सिंह की अंबिकापुर में और चचेरे भाई शिक्षक नागेंद्र सिंह की बिलासपुर में मौत हो गई थी। गुरुवार को नागेंद्र सिंह का अंतिम संस्कार किया गया। पीड़ित परिवार के मुताबिक भरत समझौते के लिए गए थे लेकिन उन पर हमला हो गया। उन्होंने आरोपियों के एनकाउंटर और सीबीआई जांच की मांग की है।
हमले में घायल मयंक सिंह की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है। उनके सिर और चेहरे में गंभीर चोटें आई हैं। उनका इलाज अपोलो अस्पताल, बिलासपुर में चल रहा है। घटना के विरोध में करणी सेना ने प्रदर्शन का ऐलान किया है।
देखिए पहले ये तस्वीरें-

हमलावरों ने घर के सामने फॉर्च्यूनर पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी।

फायर ब्रिगेड की टीम ने काबू बुझाया, लेकिन तब तक मौत हो चुकी थी।

आग की चपेट में आई गाड़ी पूरी तरह जलकर खाक हो गई।

4 घायलों में 2 की मौत हो गई। 2 घायलों को रायपुर रेफर किया गया है।

रेत तस्करी से अवैध उगाही को लेकर बढ़ा विवाद
रेत के अवैध खनन को लेकर लल्ला सिंह के परिवार का भाजपा नेता मनोज त्रिपाठी के परिवार से विवाद चल रहा था। चिरमी के रेत घाट का ठेका करीब 8 माह पहले मयंक सिंह के नाम पर मिला था। इसके बाद मयंक सिंह और उनका परिवार सोनहत, कैलाशपुर और तेलीमुड़ा, बेलिया और छिंगुरा से निकलने वाले अवैध रेत से भी वसूली शुरू कर दी।
भाजपा नेता लल्ला सिंह और उनके परिवार के सदस्य फार्च्यूनर में हूटर बजाते हुए चलते थे। मयंक सिंह प्रति हाईवा 1000 रुपए का शुल्क लेता था। जिला मुख्यालय बैकुंठपुर में एक हाईवा रेत 5000 रुपये तक में बिकती है।
त्रिपाठी परिवार के पास कुछ टीपर वाहन हैं, जिनसे वे रेत निकालकर जिला मुख्यालय बैकुंठपुर में बेचते थे। त्रिपाठी परिवार दूसरे घाट से निकाले गए रेत का पैसा देने तैयार नहीं था, जिसे लेकर कई माह से दोनों परिवारों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई थी।

घटनास्थल पर कार की साइड मिरर और चप्पल मिले हैं।
शिकायत दर्ज कर हटवाया हूटर, मारपीट से बढ़ा तनाव
भाजपा नेता भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह बैकुंठपुर विधायक भैयालाल राजवाड़े करीबी और दबंग नेता थे। आरोपी मनोज त्रिपाठी पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री और भाजपा विधायक रेणुका सिंह का करीबी नेता माना जाता है।
भरत सिंह की फार्च्यूनर गाड़ी में हूटर लगाए जाने की शिकायत सोनहत थाने में दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने भरतपुर-सोनहत विधायक रेणुका सिंह के दबाव में कार्रवाई कर हूटर हटवा दिया था, जिसके बाद तनाव और बढ़ गया।
मंगलवार को त्रिपाठी परिवार के निशांत त्रिपाठी के साथ सिंह परिवार के मयंक सिंह, उत्कर्ष सिंह, लवकुश सिंह और अन्य ने नौगईं के शिवघाट के पास मारपीट कर दी। मामले में एफआईआर सोनहत थाने में दर्ज कराई गई थी। यह घटना हत्याकांड की वजह बन गई।

रेणुका सिंह के करीबी रहे हैं मुख्य आरोपी मनोज त्रिपाठी।

रेणुका सिंह के साथ आरोपी निशांत त्रिपाठी की पुरानी फोटो।
गिरफ्तार चार आरोपी भेजे गए जेल
मंगलवार 16 जून को नौगईं में हुई मारपीट की घटना के बाद लल्ला सिंह अपने भाईयों और अन्य लोगों के साथ नौगईं पहुंचे। सिंह परिवार के अनुसार लल्ला सिंह समझौते के लिए नौगईं पहुंचे थे। इस दौरान आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से हमला कर दिया। परिजनों ने कहा कि आरोपियों का एनकाउंटर होना चाहिए। साथ ही निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई जांच कराने की मांग की है।
पुलिस मामले में गिरफ्तार चार आरोपियों अक्षत त्रिपाठी, सत्यप्रकाश त्रिपाठी, मन्नू त्रिपाठी और विशाल त्रिपाठी को साथ लेकर घटनास्थल पर पहुंची थी। पुलिस ने मौके पर घटनाक्रम की पूरी जानकारी ली। वारदात मनोज त्रिपाठी के घर के सामने ही हुई है। पुलिस ने चारों आरोपियों को गुरुवार शाम कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।

अन्य आरोपियों की तलाश, करणी सेना ने दी आंदोलन की चेतावनी
घटना के बाद मुख्य आरोपी मनोज त्रिपाठी, निशांत त्रिपाठी सहित 5 नामजद आरोपी फरार हो गए हैं, जिनकी तलाश में पुलिस टीमें लगी हैं। आशंका है कि वे घटना के बाद मध्यप्रदेश फरार हो गए हैं। एडिशनल एसपी सुरेशा चौबे ने बताया कि सभी आरोपियों के फोन लगातार बंद हैं, जिसके कारण उनका लोकेशन नहीं मिल पा रहा है। कई टीमें जांच में लगी हैं।
इधर तीहरे हत्याकांड के विरोध में छत्तीसगढ़ करणी सेना ने आंदोलन की चेतावनी दी है। करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि न्याय मिलने तक करणी सेना परिवार के साथ खड़ा है। घटना के बाद इलाकों में पुलिस बल तैनात है। नौगईं में घटना के बाद दहशत के कारण लोग कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं।

सिंहदेव बोले-बेकाबू हो गए हैं रेत माफिया
टीएस सिंहदेव बोले-नियंत्रण नहीं, रेत का ठेका प्रथा बंद करें
पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने कहा कि दोनों परिवारों के विवाद व तनाव की जानकारी पुलिस को थी, इसके बाद भी तीन लोगों की हत्या हो गई। रेत माफिया इतने हावी हैं कि छत्तीसगढ़ व झारखंड बार्डर में एक शासकीय कर्मचारी की हत्या कर दी जाती है। कितने ही स्थानों पर मारपीट हुई है। जब आप इसको कंट्रोल नहीं कर सकते तो ठेका प्रथा को बंद करिये।

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