भास्कर न्यूज | जांजगीर जिले में सुशासन को जमीन पर उतारने और राजस्व मामलों के त्वरित निराकरण के लिए कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने कड़ा रुख अपनाया है। शनिवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित मैराथन बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन जैसे कार्यों के लिए लोग को कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़े। कलेक्टर ने 1 मई से सुशासन तिहार और 4 मई से राजस्व पखवाड़ा आयोजित करने के निर्देश दिए हैं, जहां शिविर लगाकर मौके पर ही समस्याओं का समाधान किया जाएगा। कलेक्टर ने भू-माफियाओं और अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ सख्त अभियान छेड़ने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिले की सभी शासकीय भूमियों का भौतिक सत्यापन कर सीमांकन किया जाए। जहां भी अतिक्रमण पाया जाता है, वहां तत्काल बेदखली की कार्रवाई करें। इसके साथ ही अवैध प्लाटिंग, अवैध रेत परिवहन और अवैध निर्माण के मामलों में अधिकारियों को ”जीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाने को कहा गया है। भू-अर्जन और विभिन्न परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित जमीनों के मुआवजा भुगतान की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि हितग्राहियों को उनका हक समय पर मिलना चाहिए। उन्होंने लोक सेवा गारंटी और टीएल प्रकरणों को समय-सीमा के भीतर निपटाने की हिदायत दी। आधार सीडिंग और नक्शा सुधार में लाएं तेजी बैठक में राजस्व अभिलेखों के डिजिटलीकरण पर विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने एग्रीस्टैक परियोजना (डिजिटल क्रॉप सर्वे) और जियो-रेफरेंसिंग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि डिजिटल हस्ताक्षरित खसरा और रिकॉर्ड दुरुस्तीकरण का काम युद्धस्तर पर पूरा करें। ई-कोर्ट में लंबित पुराने मामलों को प्राथमिकता के आधार पर बंद करें। आरबीसी 6-4 (मुआवजा प्रकरण) का निराकरण ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से पारदर्शी तरीके से किया जाए।
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