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कोरबा कलेक्टर कुणाल दुदावत ने शासकीय कार्यों में घोर लापरवाही और उदासीनता बरतने के आरोप में पटवारी दीपक कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई तहसीलदार भैंसमा की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है। जांच रिपोर्ट में पटवारी पर अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में गंभीर अनियमितताएं बरतने का आरोप है, जो छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 का उल्लंघन है। मुख्य आरोप ग्राम करूमौहा में राजस्व अभिलेखों में बड़े पैमाने पर हेराफेरी से संबंधित हैं। उदाहरण के तौर पर, खसरा नंबर 176/1/ख/1 का वास्तविक रकबा 0.016 हेक्टेयर था, जिसे नियम विरुद्ध तरीके से बढ़ाकर 1.600 हेक्टेयर दर्ज कर दिया गया। इसी प्रकार, खसरा नंबर 84/4 ख का रकबा 0.710 हेक्टेयर से बढ़ाकर सीधे 71.000 हेक्टेयर कर दिया गया। बिना आदेश के पोर्टल पर अपलोड किए गए आंकड़े इन संशोधित आंकड़ों को बिना किसी वैध आदेश के ऑनलाइन भुइयां पोर्टल पर अपलोड भी कर दिया गया था। इस तरह की हेराफेरी से न केवल सरकारी रिकॉर्ड में त्रुटियां पैदा हुईं, बल्कि भविष्य में भूमि विवाद और वित्तीय हानि की संभावना भी बढ़ गई थी। कलेक्टर ने माना गंभीर लापरवाही कलेक्टर ने इसे गंभीर प्रशासनिक चूक मानते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत पटवारी पर निलंबन की कार्रवाई की है। निलंबन अवधि के दौरान पटवारी दीपक कुमार सिंह का मुख्यालय तहसील कार्यालय पसान निर्धारित किया गया है। इस दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा। गड़बड़ी पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि राजस्व अभिलेखों में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद जिले के अन्य राजस्व कर्मचारियों को सतर्क रहने का संदेश मिला है। अधिकारियों का कहना है कि भू-अभिलेखों की शुद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है, और किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर कठोर कदम उठाए जाएंगे।
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