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राजनांदगांव जिले में भीषण गर्मी का असर लगातार बना हुआ है। तापमान 44 डिग्री सेल्सियस पर पहुंचने से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है और लोग घरों में रहने को मजबूर हैं। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में चक्रवाती सिस्टम के असर से धूल भरी आंधी और हल्की बारिश की संभावना जताई है, लेकिन फिलहाल गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद कम है। महापौर ने नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील शहर में बढ़ती गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए महापौर मधुसूदन यादव ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि खासकर बच्चे और बुजुर्ग ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं। लू के प्रमुख लक्षण महापौर ने कहा कि शहर की स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह मुस्तैद हैं और जरूरत पड़ने पर तुरंत इलाज लें। राजनंदगांव मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर और प्रसिद्ध डॉक्टर प्रकाश खुंटे ने गर्मी के मौसम में स्वास्थ्य की देखभाल के लिए महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने लू को दो मुख्य श्रेणियों में वर्गीकृत किया है: हीट एग्जॉशन और हीट स्ट्रोक। हीट एग्जॉशन और हीट स्ट्रोक का फर्क 1. हीट एग्जॉशन 2. हीट स्ट्रोक (मेडिकल इमरजेंसी) क्या करें डॉ. खुंटे ने बचाव के उपाय बताते हुए कहा कि भरपूर पानी पिएं और जलयुक्त फलों जैसे तरबूज, खरबूजा, और खीरा का सेवन करें। दोपहर 12 से 4 बजे के बीच अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें। सूती और ढीले कपड़े पहनें जो आरामदायक हों। क्या न करें प्रशासन ने की अपील स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विशेषज्ञ लगातार लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं, ताकि गर्मी के इस दौर में सभी सुरक्षित रह सकें।
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