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राजनांदगांव कलेक्टर जितेंद्र यादव के मार्गदर्शन में जिले में विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए सघन अभियान चलाया जा रहा है। कृषि योजनाओं के तहत एक लाख से अधिक किसानों का ई-केवाईसी पूरा किया गया है, वहीं जनदर्शन कार्यक्रम के माध्यम से एक दिव्यांग महिला को स्वरोजगार के लिए ऋण भी मिला है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ शत-प्रतिशत पात्र किसानों तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिले में विशेष अभियान जारी है। कृषि विभाग की टीमें उन वृद्ध और शारीरिक रूप से अक्षम किसानों के घर-घर पहुंच रही हैं, जिन्होंने अब तक ई-केवाईसी या आधार सीडिंग नहीं कराई थी। एग्री-स्टैक पोर्टल पर 97,508 किसानों का रजिस्ट्रेशन अब तक 1,07,420 पात्र किसानों में से 1,07,229 का ई-केवाईसी और 1,06,744 की आधार सीडिंग पूरी हो चुकी है। प्रशासन का लक्ष्य 20 अप्रैल 2026 तक सभी पात्र किसानों को इस योजना से जोड़ना है। इसके अतिरिक्त, नवीन निर्देशों के तहत एग्री-स्टैक पोर्टल पर 97,508 किसानों का पंजीयन भी पूर्ण कर लिया गया है। कलेक्ट्रेट में आयोजित ‘जनदर्शन’ कार्यक्रम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण का एक प्रभावी माध्यम बन रहा है। इसी कड़ी में, बजरंगपुर-नवागांव निवासी दिव्यांग पूजा चुनाकर ने स्वरोजगार के लिए ऋण का आवेदन दिया था। कलेक्टर ने इस मामले पर तुरंत संज्ञान लिया और आवश्यक निर्देश दिए। दिव्यांग महिला को 1 लाख 20 हजार रुपये का ऋण स्वीकृत महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से ‘छत्तीसगढ़ महिला कोष योजना’ के तहत पूजा को 1 लाख 20 हजार रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया। इस राशि से उन्होंने ‘फैशन जोन’ नाम से अपनी कपड़े की दुकान शुरू की है, जिससे वह आत्मनिर्भर बन रही हैं। जिला प्रशासन नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध निराकरण और शासन की योजनाओं का पारदर्शी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है।
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