![]()
राजनांदगांव जिले में कलेक्टर जितेंद्र यादव ने मंगलवार को जनदर्शन में आम जनता की समस्याएं सुनीं। इसी दौरान उन्होंने शासकीय कार्य में लापरवाही बरतने पर महिला एवं बाल विकास विभाग के एक सहायक ग्रेड-2 कर्मचारी को निलंबित कर दिया। कलेक्ट्रेट में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में जिले के विभिन्न हिस्सों से आए नागरिकों ने अपनी शिकायतें और समस्याएं कलेक्टर के सामने रखीं। कलेक्टर यादव ने सभी आवेदनों को गंभीरता से सुना। जनदर्शन में मुख्य रूप से अतिक्रमण हटाने, सीमांकन, नामांतरण, प्रधानमंत्री आवास योजना, राजस्व रिकॉर्ड सुधार और फसल बीमा योजना से संबंधित आवेदन प्राप्त हुए। कलेक्टर ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त आवेदनों का निराकरण प्राथमिकता, पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से किया जाए। उन्होंने जोर दिया कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक तत्काल पहुंचना चाहिए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ सुरूचि सिंह, अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय और प्रेमप्रकाश शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। ड्यूटी के दौरान शराब पीने पर कर्मचारी सस्पेंड प्रशासनिक अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से कलेक्टर ने एक सख्त कार्रवाई करते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग के सहायक ग्रेड-2 राधेश्याम ठाकुर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। ठाकुर कार्यालयीन समय में शराब का सेवन कर ड्यूटी पर उपस्थित पाए गए थे। मेडिकल परीक्षण की प्रक्रिया के दौरान वे बिना अनुमति कार्यालय से अनुपस्थित भी हो गए। इस कृत्य को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम 1965 के प्रतिकूल और गंभीर अनुशासनहीनता माना गया है। निलंबन की अवधि में उनका मुख्यालय सीडीपीओ कार्यालय छुरिया निर्धारित किया गया है। कलेक्टर ने स्पष्ट संदेश दिया है कि शासकीय कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई जारी रहेगी।
<
