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राजधानी के अपार्टमेंट में ग्रुप सोलर मॉडल जोर पकड़ने लगा है। दो नए बड़े अपार्टमेंट में सोलर प्लांट लगाए जा रहे हैं। टाटीबंध की जैनम प्लेनेट रेसीडेंशियल वेलफेयर सोसायटी में 75 परिवार मिलकर करीब 225 किलोवॉट का सोलर सिस्टम लगा रहे हैं। वहीं, डीडी नगर के कंचन अश्व अपार्टमेंट में 22 परिवार मिलकर 60 किलोवॉट का सोलर प्लांट स्थापित कर रहे हैं। दोनों अपार्टमेंट में रहने वालों को पीएम सूर्यघर योजना से सब्सिडी और नेट मीटरिंग का फायदा होगा। बिजली के व्यक्तिगत उपयोग के बिल में कमी आएगी। बिजली कंपनी के अधिकारियों के अनुसार, शहर के अन्य अपार्टमेंट्स से भी इस मॉडल को लेकर पूछताछ बढ़ी है। 20 परिवारों को 225 यूनिट/माह मिल रही मुफ्त बिजली टाटीबंध पार्थिवी पेसेफिक अपार्टमेंट में सोलर सिस्टम की पहल करने वाले गुरु प्रसाद सिंह कहते हैं, हमने 60 किलोवॉट का सोलर पैनल लगवाया। इससे 20 परिवारों में से हरेक को महीने में औसत 200-225 यूनिट बिजली मिल रही है। अगर खपत कम होती है तो सरप्लस बिजली ग्रिड में जमा हो जाती है। गर्मी में लोड बढ़ने पर वही जमा यूनिट बिजली बिल को बढ़ने नहीं देतीं। नतीजा पहले जिस फ्लैट का बिल 3500-4000 रुपए होता था, वह अब 1000-1500 रुपए हो गया है। पार्थिवी पेसेफिक के बाद उसी परिसर में एक दूसरी बिल्डिंग में 30 किलोवॉट का 10 परिवारों के लिए सोलर पैनल लगा रहे हैं। दो अन्य अपार्टमेंट में सोलर पैनल के काम शुरू हो गए हैं। अन्य जगहों पर भी इसके लिए चर्चा चल रही है। -बिंबिसार नागार्जुन, नोडल अफसर, पीएम सूर्यघर-पावर कंपनी।
पार्थिवी पेसेफिक का मॉडल एक प्रूफ ऑफ कांसेप्ट है। समस्या जागरूकता और सोसायटी के आंतरिक प्रबंधन की है। जैनम प्लानेट टाटीबंध और कंचन अश्व में ग्रुप सोलर पैनल लग रहे हैं। अन्य अपार्टमेंट से भी लोग संपर्क कर रहे हैं। -चंद्रशेखर रेड्डी, डायरेक्टर, जैविक रिन्युएबल प्रा. लिमिटेड
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