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पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों की चुनावी जंग अब सिर्फ वहां के मैदान में नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के एक छोटे से कस्बे पखांजूर में भी लड़ी जा रही है। यहां बैठकर बंगाली भाषा में ऐसे वीडियो तैयार हो रहे हैं, जो सीधे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयानों का जवाब बनकर बंगाल के वोटर्स तक पहुंच रहे हैं। कांकेर जिले के पखांजूर में बसे बंगाली समुदाय के लोग इस डिजिटल कैंपेन की रीढ़ बने हुए हैं। करीब 150 गांवों में फैले इस समुदाय को 1960 के दशक में बसाया गया था, जबकि 1971 के बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के दौरान भी बड़ी संख्या में लोग यहां आए थे। अब यही लोग भाजपा के लिए लोकल भाषा में नैरेटिव तैयार कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ भाजपा सोशल मीडिया टीम यहां रहने वालों के साथ मिलकर हर दिन नए वीडियो बना रही हैं। बंगाली भाषा में बन रहे कई वीडियो को देखकर यह पता नहीं लग पा रहा है कि इसे तैयार कहां किया जा रहा है। इसके अलावा सभी कार्टून भी यहीं तैयार हो रहे हैं। बंगाल में सोशल मीडिया की जिम्मेदारी राष्ट्रीय संयोजक अमित मालवीय ने संभाल रखी है। उनके साथ छत्तीसगढ़ सोशल मीडिया के संयोजक मितुल कोठारी भी 6 महीने से वार रूम देख रहे हैं। वहां डिजिटल वॉरियर की एक टीम खड़ी की गई है। जिसका काम वोटर्स तक रील और कार्टून के माध्यम से टीएमसी के नैरेटिव को ध्वस्त करना है। भाजपा के फेसबुक ऑफिशियल पेज पर 2.7 मिलियन फॉलोवर्स हैं। वहीं तृणमूल के 2.4 मिलियन हैं। ट्विटर पर भाजपा के 483 हजार तो टीएमसी के 750 हजार फॉलोअर हैं। इसके अलावा भाजपा के दो सहयोगी पेज मोदीपारा और निर्ममता भी चल रहे हैं।
डिजिटल जंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बड़ा टूल बनकर उभरा है। स्क्रिप्टिंग, वॉयसओवर, सबटाइटल और कार्टून सब कुछ तेजी से तैयार किया जा रहा है, जिससे कम समय में ज्यादा कंटेंट बनाकर तुरंत काउंटर नैरेटिव खड़ा किया जा सके। पखांजूर से बंगाल तक: लोकल चेहरों की एंट्री
पखांजूर के युवाओं और महिलाओं को सीधे वीडियो में शामिल किया जा रहा है, ताकि संदेश ज्यादा विश्वसनीय लगे। मितुल कोठारी बताते हैं कि हम बंगाल के लोगों को दिखाना चाहते हैं कि छत्तीसगढ़ में रह रहे बंगालियों की भाषा और खानपान सुरक्षित है। बंगाल में सभी बंगला भाषी ही हैं, इसलिए यहां के लोकल चेहरों के साथ पंखाजूर के चेहरे भी यहां के लिए लोकल ही लगते हैं। पंखाजूर में रहने वाली माता-बहनें जब बंगला में बोलती है कि महतारी वंदन से उनकी जिंदगी कैसे बदल रही है, तो यहां उसकी विश्वसनीयता बढ़ती है। शाह के कार्यक्रम देख रहे विजय शर्मा
बंगाल में छत्तीसगढ़ के संगठन महामंत्री पवन साय 6 महीने से डेरा डाले हुए हैं। उन्हें 56 विधानसभा क्षेत्र की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं गृह मंत्री विजय शर्मा को अमित शाह के कार्यक्रमों की जिम्मेदारी दी गई है। एससी वोटर्स को संभालने के लिए दयाल दास बघेल भी जमे हुए हैं। झारखंड से लगे कुर्मी बाहुल्य क्षेत्रों के लिए मंत्री टंकराम वर्मा भी दौरा कर रहे हैं। देश के स्पेशल 40 लोगों की एक अलग टीम बनाई गई है, जिसका काम गैर राजनीतिक लोगों तक कैसे पहुंचा जाए, इसकी रणनीति तैयार करना। संपर्क अभियान चलाना है। इस टीम के संयोजक खनिज विकास निगम के अध्यक्ष सौरभ सिंह हैं। वे डेढ़ महीने से कलकत्ता में डेरा डाले हुए हैं। उनके साथ नान अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव भी जुड़े हुए हैं। विधायक सुशांत शुक्ला, सीजीएमएसी अध्यक्ष दीपक महस्के, लघुवनोपज संघ अध्यक्ष यज्ञदत्त शर्मा, प्रवक्ता डॉ. विजय शंकर मिश्रा भी बंगाल जीत में जुटे हुए हैं। तीन महीने से एक लोकसभा को शिवरतन शर्मा और एक लोकसभा को राजेश मूणत संभाल रहे हैं। इस तरह से चल रहा है सोशल वार टीएमसी का नैरेटिव
मुख्यमंत्री ममता बेनर्जी का बयान आया कि भाजपा के आने के बाद बंगाल में मछली बंद हो जाएगी। भाजपा का काउंटर
पखांजूर के युवाओं ने कहा- छत्तीसगढ़ में मछली पालन पर कई योजनाएं चल रही हैं। यहां भी भाजपा है, मछली बंद नहीं है। बंगाल में भाजपा का महिलाओं को 3 हजार महीने देने का वादा झूठा हैं। जीत के बाद वादा कभी पूरा नहीं करेगी। एक वीडियो पखांजूर की महिलाएं बता रही हैं कि छत्तीसगढ़ में एक हजार मिल रहे हैं। भाजपा ने वादा किया था, पूरा हुआ।
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