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वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर ने सक्ती जिले में हुए वेदांता पावर प्लांट हादसे को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उनका कहना है कि एक घंटे में उत्पादन दोगुना करने के लिए बॉयलर का लोड तेजी से बढ़ाया गया। पहले यह लोड 350 मेगावाट था, जिसे बढ़ाकर 590 मेगावाट किया गया। यही इस दुर्घटना का मुख्य कारण बना। प्रशासन ने जांच के लिए 9 बिंदु तय किए हैं, लेकिन लोड बढ़ाने जैसी अहम बात उसमें शामिल नहीं की गई। हालांकि हादसे के बाद कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने न्यायिक जांच के संशोधित आदेश जारी किए हैं। बता दें कि हादसे में घायल 1 और मजदूर ने दम तोड़ दिया। मध्यप्रदेश के रहने वाले किस्मत अली रायपुर के निजी अस्पताल में एडमिट थे, जिनकी मौत हुई है। अब मृतकों की संख्या बढ़कर 21 हो गई है। हादसे में कुल 36 लोग झुलसे हैं, 15 घायलों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज जारी है। 14 अप्रैल को फटा था बॉयलर यह दुर्घटना 14 अप्रैल को प्लांट की बॉयलर यूनिट-1 में हुई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार स्टीम पाइप से जुड़े वाटर सप्लाई पाइप के जॉइंट में तकनीकी खराबी आई, जिससे हादसा हुआ और 21 लोगों की मौत हो गई। जांच के 9 बिंदु, अहम मुद्दा गायब अनुविभागीय दण्डाधिकारी डभरा को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। जांच इन बिंदुओं पर केंद्रित रहेगी: मोहम्मद अकबर का आरोप है कि इन बिंदुओं में बॉयलर लोड 350 से 590 मेगावाट बढ़ाने का जिक्र नहीं है, जबकि यह सबसे महत्वपूर्ण पहलू है। 30 दिनों में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश कलेक्टर ने जांच अधिकारी को 30 दिनों के भीतर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। आदेश की कॉपी गृह विभाग, मानव अधिकार आयोग, श्रम विभाग और उद्योग विभाग को भेजी गई है, ताकि निष्पक्ष और त्वरित जांच सुनिश्चित हो सके। मृतकों के परिजनों को मिलेगा मुआवजा वेदांता प्रबंधन ने मृतक परिजन को 35-35 लाख रुपए सहायता राशि और नौकरी देने का ऐलान किया है। घायलों को 15-15 लाख रुपए दिए जाएंगे। इससे पहले PMO ने मुआवजे की घोषणा की थी। PMNRF से हर मृतकों के परिवार वालों को 2 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए दिए जाएंगे। छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से मृतकों के परिवार वालों को 5-5 लाख और घायलों को 50 हजार रुपए दिए जाएंगे। हादसे में कुल 36 लोग झुलसे प्लांट सिक्योरिटी हेड प्रेम झा के मुताबिक, हादसे में कुल 36 लोग घायल हुए हैं, जिसमें से 12 लोग छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं। बाकी लोग बिहार, पश्चिम बंगाल और झारखंड के हैं। घायल मजदूरों का इलाज जारी रायगढ़ के अलग अलग अस्पताल में 12 घायलों का इलाज चल रहा है। इसमें जिंदल फोर्टिस अस्पताल में 6 श्रमिक भर्ती हैं। जिसमें 2 श्रमिक 25 प्रतिशत से नीचे और 4 श्रमिक 85-90% तक झुलसे हैं। मेडिकल कॉलेज में 2 भर्ती हैं जो 80 से 90% झुलसे हैं। अपेक्स में 2 भर्ती हैं जो 20 प्रतिशत से नीचे और बालाजी मेट्रो हॉस्पिटल में बनवारी लाल, उपेंद्र और परदेशी लाल चंद्रा का इलाज जारी है। वहीं 2 मजदूरों उमेंद्र और इस्मत अली का रायपुर के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। इसमें इस्मत अली की मौत हो गई।
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