भास्कर न्यूज | बालोद प्रदेश स्तरीय वार्षिक अधिवेशन का आयोजन धमनसरा परगना अंतर्गत सिंघोला में छत्तीसगढ़ महार/महरा झरिया शाखा का हुआ। अधिवेशन में समाज की एकजुटता, सामाजिक सुधार, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और युवाओं की भागीदारी जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संतोष अग्रवाल उपस्थित रहे। वहीं विशेष अतिथियों में मधुसूदन यादव, कोमल राजपूत, देवकुमारी साहू, खुशबू साहू तथा मुकेश कुमार साहू,समाज के प्रदेश अध्यक्ष अशोक चांद रहे। चांद ने अपने संबोधन में समाज को संगठित रहने और आपसी सम्मान बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि जाति प्रमाण पत्र बनाने में यदि किसी समाजजन को परेशानी होती है या अधिकारी-कर्मचारी अनावश्यक रूप से परेशान करते हैं तो समाज उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए आगे आएगा। उन्होंने समाज में फैली रूढ़िवादी परंपराओं को समाप्त करने की भी अपील की। उन्होंने मृत्यु भोज पर रोक, विवाह में फिजूल खर्च कम करने, सीमित साड़ी लेन-देन और डीजे पर प्रतिबंध लगाने जैसे सामाजिक सुधारों पर जोर दिया। साथ ही शासन की आदर्श विवाह योजना का अधिक से अधिक लाभ लेने की बात कही। अशोक चांद ने यह भी घोषणा की कि वर्ष 2027 में प्रदेश स्तरीय महासभा वार्षिक अधिवेशन एवं प्रदेश पदाधिकारियों का चुनाव पुरूर परगना में आयोजित किया जाएगा। अधिवेशन के दौरान समाज की ओर से मुख्य अतिथि संतोष अग्रवाल को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में कहा गया कि छत्तीसगढ़ में महार/महरा समाज की जनसंख्या लगभग 14 लाख है और समाज अनुसूचित जाति वर्ग में शामिल है, लेकिन राज्य विधानसभा की अनुसूचित जाति आरक्षित सीटों में समाज को प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाया है। समाज ने आगामी विधानसभा चुनाव में अनुसूचित जाति आरक्षित क्षेत्रों में कम से कम पांच सीटों पर महार/महरा समाज के प्रत्याशियों को अवसर देने की मांग की। इस पर संतोष अग्रवाल ने समाज को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों को उचित मंच तक पहुंचाया जाएगा। समाज को रूढ़िवादी सोच से बाहर निकालना होगा: कार्यक्रम में बालोद जिला उपाध्यक्ष संतराम आसनी ने युवाओं से समाज के प्रति समर्पण और नई सोच के साथ आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज को रूढ़िवादी सोच से बाहर निकालकर शिक्षित और संगठित बनाना समय की आवश्यकता है। बालोद जिला अध्यक्ष दिनेश कुमार मेश्राम ने कहा कि समाज में नशापान और असामाजिक गतिविधियों से युवाओं को दूर कर सही दिशा में आगे बढ़ाना जरूरी है। उन्होंने समाज के युवाओं को नेतृत्व में आगे लाने की आवश्यकता पर बल दिया।
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