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बिलासपुर के मस्तूरी में गोलीकांड के फरार आरोपियों के घर पुलिस ने आधी रात दबिश दी। इस दौरान कांग्रेस नेता और इनामी आरोपी नागेंद्र राय के परिजन पुलिस को रोकते हुए बहसबाजी करने लगे। हालांकि, इसके बाद भी पुलिस ने बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया। डॉग स्क्वायड और हथियारबंद जवानों ने पूरे घर की तलाशी ली। लेकिन, नागेंद्र राय नहीं मिला। पुलिस अफसर और जवानों की टीम रात करीब एक बजे तोरवा क्षेत्र के लालखदान-महमंद पहुंची। जहां कांग्रेस नेता नागेंद्र राय के घर की तलाश ली। इस दौरन जवानों ने उसके घर के हर एक कमरों की जांच की। लेकिन, उसकी मौजूदगी का कोई सुराह हाथ नहीं लगा। तलाशी के दौरान डॉग स्क्वायड की टीम भी मौजूद रही। वहीं, सशस्त्र जवान भी थे। करीब ढाई घंटे तक चली इस कार्रवाई के बावजूद आरोपी का कोई सुराग नहीं मिल सका। परिजनों ने जताया विरोध, पुलिस अफसरों को रोकने की कोशिश सर्च ऑपरेशन के दौरान नागेंद्र राय के परिजनों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध किया। बेटे, भतीजे सहित अन्य सदस्यों ने बहसबाजी करते हुए कार्रवाई में बाधा डालने की कोशिश भी की। आधी रात छापेमारी करने पर उन्होंने विरोध जताया। इसके चलते पुलिस को तलाशी अभियान में परेशानी हुई। इस स्थिति को देखते हुए तोरवा पुलिस ने परिजनों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने का केस दर्ज भी किया है। इनाम घोषित, फिर भी पकड़ से दूर आरोपी इस मामले में एसएसपी रजनेश सिंह ने फरार आरोपी नागेंद्र राय और टाकेश्वर पाटले पर 5-5 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है। पुलिस लंबे समय से दोनों की तलाश कर रही है। उनके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस को इनपुट मिला था कि नागेंद्र राय अपने घर में छिपा हो सकता है। इसी आधार पर पूरी तैयारी के साथ यह ऑपरेशन चलाया गया। हालांकि, मौके पर वह नहीं मिला, जिससे आशंका जताई जा रही है कि आरोपी राज्य से बाहर भी हो सकता है। जानिए क्या है पूरा मामला दरअसल, 29 अक्टूबर को मस्तूरी बस स्टैंड स्थित ऑफिस में जनपद उपाध्यक्ष नीतेश सिंह अपने साथियों के साथ बैठे थे। उसी दौरान नकाबपोश बाइक सवार पहुंचे और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में नीतेश सिंह ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से फायरिंग की, जिसके बाद हमलावर भाग निकले। जांच में सामने आया कि मामला रंजिश और वर्चस्व से जुड़ा है। इसमें युवा कांग्रेस नेता विश्वजीत अनंत के गैंग की भूमिका सामने आई। पुलिस के मुताबिक पूरी साजिश कांग्रेस नेता नागेंद्र राय और तारकेश्वर पाटले की अगुवाई में रची गई थी। जेल में है कांग्रेस नेता अकबर खान इस मामले में कांग्रेस नेता अकबर खान की भूमिका के भी साक्ष्य मिले। इसके बाद पुलिस ने विश्वजीत अनंत, अकबर खान और उसके भाई समेत 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। एक नाबालिग को बाल संरक्षण गृह भेजा गया है, जबकि बाकी 10 आरोपी जेल में हैं। एक आरोपी की जमानत हाईकोर्ट से खारिज हो चुकी है। हालांकि, इस पूरे मामले में मुख्य साजिशकर्ता नागेंद्र राय और तारकेश्वर पाटले अब भी फरार हैं।
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