भजन, भोजन, भक्ति व अपने समाजजनों के साथ बिताए गए पल हमेशा स्मरणीय रहेंगे

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भास्कर न्यूज | बालोद सावन मास में बालोद माहेश्वरी समाज एवं माहेश्वरी महिला मंडल के संयुक्त तत्वाधान में सिंघोला स्थित महाकाल धाम की कांवड़ यात्रा एवं दर्शन कार्यक्रम का आयोजन श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ किया गया। यात्रा में समाज की महिलाओं, पुरुषों, युवाओं एवं बच्चों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर भगवान भोलेनाथ के प्रति अपनी अटूट आस्था प्रकट की। कार्यक्रम की शुरुआत बालोद के जलेश्वर महादेव मंदिर से हुई, जहां श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर पवित्र जल भरा। इसके बाद सभी श्रद्धालु बम-बम भोले, हर-हर महादेव और जय श्री महाकाल के जयघोष के साथ कांवड़ लेकर बस के माध्यम से सिंघोला महाकाल धाम के लिए रवाना हुए। पूरे मार्ग में शिव भजनों, भक्ति गीतों और जयकारों से वातावरण शिवमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने इस यात्रा को जीवन के अविस्मरणीय और आध्यात्मिक अनुभवों में से एक बताते हुए कहा कि भजन, भोजन, भक्ति और अपने समाजजनों के साथ बिताए गए ये पल हमेशा स्मरणीय रहेंगे। माहेश्वरी महिला मंडल एवं माहेश्वरी समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि सावन मास में आयोजित इस तरह के धार्मिक आयोजनों का उद्देश्य समाज में आध्यात्मिक चेतना, संस्कार और पारिवारिक सौहार्द को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि भगवान महाकाल का आशीर्वाद सभी श्रद्धालुओं पर बना रहे तथा समाज निरंतर धर्म, सेवा और संस्कार के मार्ग पर अग्रसर रहे। सिंघोला महाकाल धाम पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का पवित्र जल से जलाभिषेक एवं रुद्राभिषेक किया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सामूहिक पूजा-अर्चना संपन्न हुई। श्रद्धालुओं ने माता पार्वती, भगवान गणेश, कार्तिकेय एवं शिव परिवार के दर्शन कर सुख, समृद्धि और परिवार की मंगलकामना की। महाकाल धाम में स्थापित कैलाश पर्वत की आकर्षक झांकी और भगवान शिव-पार्वती की दिव्य प्रतिमाओं ने सभी श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। संध्या आरती के दौरान निकली भगवान महाकाल की पालकी यात्रा के दर्शन का सौभाग्य भी श्रद्धालुओं को प्राप्त हुआ। भव्य आरती, घंटों और शंखनाद के बीच पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण से गुंजायमान हो उठा। पूरे आयोजन का समापन भगवान शिव की आरती एवं प्रसाद वितरण के साथ भक्तिमय वातावरण में हुआ।
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