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बालोद जिले में 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा परिणामों में आई भारी गिरावट को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी बोर्ड परीक्षा सत्र 2024-25 और 2025-26 की तुलनात्मक समीक्षा के बाद जिला शिक्षा विभाग ने कमजोर प्रदर्शन करने वाले स्कूल के 8 प्राचार्यों को निलंबित कर दिया है, जबकि 14 प्राचार्यों की वेतन वृद्धि रोक दी गई है। जिला शिक्षा विभाग की समीक्षा रिपोर्ट में कई स्कूलों के परीक्षा परिणामों में गंभीर गिरावट सामने आई। विभागीय जांच में पाया गया कि कुछ विद्यालयों में लगातार शैक्षणिक गुणवत्ता कमजोर बनी हुई है। इसी आधार पर यह कार्रवाई की गई है। विभाग ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में भी लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और शिक्षकों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे। शिक्षा गुणवत्ता से समझौता नहीं- डीईओ जिला शिक्षा अधिकारी मधुलिका तिवारी ने सभी विद्यालयों के प्राचार्यों को शिक्षा गुणवत्ता सुधारने, नियमित कक्षाएं संचालित करने तथा कमजोर विद्यार्थियों के लिए विशेष मार्गदर्शन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बोर्ड परीक्षा परिणामों की लगातार समीक्षा की जाएगी और लापरवाही पाए जाने पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। इन 8 प्राचार्यों को किया गया निलंबित शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार डौंडीलोहारा ब्लॉक के पीएमश्री सेजेस डौंडीलोहारा के प्राचार्य दिलीप देवहरे, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खरथुली के प्राचार्य घनाराम देशमुख, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नाहंदा की प्राचार्य सरोज साहू, गुरूर ब्लॉक के शासकीय हाईस्कूल सोहपुर के प्राचार्य बालसिंह मंडावी, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भिरई के प्राचार्य पुरुषोत्तम कुमार साहू, गुंडरदेही ब्लॉक के शासकीय हाईस्कूल मोंगरी के प्राचार्य लूमन सिंह साहू, शासकीय हाईस्कूल देवरी/द की प्राचार्य निशा मून तथा डौंडी ब्लॉक के पीएमश्री सेजेस डौंडी के प्राचार्य को निलंबित किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार कई विद्यालयों में कक्षा 10वीं के परीक्षा परिणामों में 30 से 47 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई है। वहीं 12वीं बोर्ड के परिणाम भी पिछले वर्ष की तुलना में काफी कमजोर पाए गए। 14 प्राचार्यों की वेतन वृद्धि रोकी गई कमजोर परीक्षा परिणाम और अपेक्षित सुधार नहीं मिलने पर विभाग ने 14 प्राचार्यों की वेतन वृद्धि रोकने की कार्रवाई भी की है। इनमें बालोद ब्लॉक के शासकीय सेजेस लाटाबोड़ के प्राचार्य फत्तेराम कोसरिया, शासकीय हायर सेकेंडरी भें. नवागांव के प्राचार्य परदेशी राम सिन्हा, डौंडीलोहारा ब्लॉक के सेजेस अछोली के प्राचार्य रामजीलाल तारम, डौंडी ब्लॉक के शाउमावि भैसबोड़ के प्राचार्य रामसेवक रायपुरिया, शाउमावि गुजरा की प्राचार्य लीना थॉमस, सेजेस नयाबाजार के प्राचार्य महेश कुमार गोरे शासकीय हाईस्कूल मंगलतराई के प्राचार्य गुलशन कुमार बेसेकर, गुरूर ब्लॉक के सेजेस बोहारा के प्राचार्य नरेंद्र कुमार भारद्वाज, शासकीय हाईस्कूल बागतराई के प्राचार्य हलाल खोर रात्रे, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बालक गुरूर के प्राचार्य तपेश गौतम, गुंडरदेही ब्लॉक के शाउमा शाला डोंगीतराई की प्राचार्य श्रीदेवी प्रमोद, शाउमा शाला डुंडेरा के प्राचार्य शिवकुमार साहू, शाउमा शाला चन्दनबिरही की प्राचार्य आर. श्रीलता तथा शाउमा शाला मोहंदीपाट की प्राचार्य बिमला एक्का शामिल हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि कुछ विद्यालयों में कक्षा 10वीं के परिणामों में 10 से 36 प्रतिशत तथा 12वीं में 7 से 37 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई है। बालोद जिले की रैंकिंग भी गिरी इस वर्ष कक्षा 10वीं में बालोद जिला प्रदेश में 29वें और 12वीं में 30वें स्थान पर रहा। जिला शिक्षा विभाग के अनुसार सत्र 2025-26 में 10वीं बोर्ड परीक्षा में कुल 10,551 विद्यार्थियों में से 10,426 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए। इनमें 6,867 विद्यार्थी उत्तीर्ण और 2,520 विद्यार्थी अनुत्तीर्ण रहे। जिले का कुल परीक्षा परिणाम 65.94 प्रतिशत दर्ज किया गया। वहीं 12वीं बोर्ड परीक्षा में कुल 8,745 परीक्षार्थी शामिल हुए, जिनमें 6,800 विद्यार्थी उत्तीर्ण और 819 अनुत्तीर्ण रहे। जिले का कुल परिणाम 77.79 प्रतिशत रहा।
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