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भिलाई नगर थाना क्षेत्र में तालपुरी ए-ब्लॉक में रहने वाले एक डॉक्टर दंपती के घर काम करने वाले केयर टेकर ने बीमार डॉक्टर के मोबाइल का गलत इस्तेमाल कर 1 लाख 67 हजार रुपए अपने खाते में ट्रांसफर कर लिए। मामले का खुलासा बैंक स्टेटमेंट और ऑनलाइन वॉलेट हिस्ट्री देखने के बाद हुआ। शिकायत मिलने पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। प्रार्थी डॉ. पूर्णिमा राज कछवाहा सीएमसी मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसर हैं। उनके पति डॉ. एसके कछवाहा को 20 मार्च को ब्रेन स्ट्रोक आया था। स्ट्रोक के बाद वे पैरालाइज्ड हो गए थे और उनकी देखरेख के लिए परिवार ने 1 अप्रैल को तिरथ चौधरी उर्फ अन्नू को केयर टेकर के रूप में रखा था। आरोपी दिनभर घर में रहकर मरीज की देखभाल करता था, इसलिए उसे घर और मोबाइल तक पहुंच मिल गई थी। घर से अचानक गायब हो गया था फोन
5 मई को परिवार को पता चला कि डॉ. एसके कछवाहा का मोबाइल फोन गायब है। काफी तलाश के बाद अगले दिन मोबाइल उनके कमरे की अलमारी के पास पड़ा मिला। शुरुआत में परिवार को किसी बड़ी गड़बड़ी का अंदेशा नहीं हुआ, लेकिन जब ऑनलाइन वॉलेट और बैंक खाते की हिस्ट्री चेक की गई तो पता चला कि दो दिनों के भीतर कई यूपीआई ट्रांजेक्शन किए गए हैं। पुलिस ने आरोपी के पास से मोबाइल फोन और बैंक ट्रांजेक्शन से जुड़े दस्तावेज जब्त किए हैं। आरोपी ने अपने खाते में किया ट्रांसफर
जांच में सामने आया कि कुल 1 लाख 67 हजार रुपए अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए आरोपी के खाते में भेजे गए थे। इसके बाद डॉ. पूर्णिमा ने 8 मई को थाना भिलाई नगर पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस टीम ने बैंक ट्रांजेक्शन डिटेल, मोबाइल रिकॉर्ड और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान की। संदेह के आधार पर तिरथ चौधरी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में उसने पैसे ट्रांसफर करने की बात कबूल कर ली।
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