नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुरः त्रिस्तरीय पंचायत उपचुनाव के तहत मंगलवार को नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी पूरी होने के बाद बिलासपुर जिले की चुनावी तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा पूर्व में जारी 18 रिक्त पदों की प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद अब वास्तविक मुकाबलों की स्थिति साफ हो चुकी है। इस स्क्रूटनी में सबसे बड़ा और चौंकाने वाला उलटफेर बिल्हा विकासखंड में देखने को मिला है, जहां सरपंच पद के लिए दाखिल किए गए तीनों नामांकन फार्म तकनीकी कमियों के कारण निरस्त हो गए हैं। अब यहां केवल एक ही पंच पद के लिए मतदान कराया जाएगा।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में इस बार मस्तूरी ब्लाक में स्क्रूटनी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनावी घमासान और भी ज्यादा दिलचस्प हो गया है। सात ग्राम पंचायतों में 10 पदों के लिए प्रत्याशी मैदान में डटे हुए हैं। जिले के तीन विकासखंडों मस्तूरी, बिल्हा और कोटा के रिक्त पदों के लिए नाम निर्देशन के अंतिम दिन तक कुल 14 अभ्यर्थियों ने अपनी दावेदारी पेश की थी। जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में मंगलवार को बारीकी से किए गए दस्तावेजों के परीक्षण के बाद जहां बिल्हा में मायूसी छाई है, वहीं कोटा में प्रत्याशियों की कमी के चलते पहले ही कई पंचों के निर्विरोध चुने जाने का रास्ता साफ हो चुका है। स्क्रूटनी के बाद अब निर्वाचन विभाग अब 21 मई को प्रत्याशियों की नाम वापसी की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद पात्र प्रत्याशियों को प्रतीक चिन्ह आबंटित करने की तैयारी करने का दावा कर रहा है।
मानिकचौरी में प्रत्याशी न मिलने से उपसरपंच ही रहेंगे सरपंच
बिल्हा ब्लाक के ग्राम पंचायत मानिकचौरी में सरपंच चुनाव को लेकर एक अजीब स्थिति निर्मित हो गई है। दरअसल, गांव में पूर्व में हुए सरपंच चुनाव के दौरान कोई प्रत्याशी नहीं मिलने की वजह से उपसरपंच ही सरपंच की भूमिका निभाते हुए पंचायत की कमान संभाल रहे थे। उपचुनाव में उम्मीद जताई जा रही थी कि गांव को नया सरपंच मिल जाएगा, लेकिन स्क्रूटनी में तीनों फार्म खारिज होने के बाद अब अगले सामान्य चुनाव तक यहां उपसरपंच ही सरपंच की भूमिका निभाएंगे।
कोटा ब्लाक में प्रत्याशियों का टोटा, तीन वार्ड रहेंगे प्रतिनिधित्व विहीन
कोटा ब्लाक में पिछली बार की तरह इस बार भी उम्मीदवारों का भारी टोटा देखने को मिला। करगीखुर्द और रानीसागर के तीन वार्ड ऐसे हैं, जहां पंच पद के लिए एक भी नामांकन पत्र जमा नहीं किया गया। चुनाव न होने की स्थिति में इन तीनों वार्डों के ग्रामीण अगले सामान्य चुनाव तक बिना पंच के यानी प्रतिनिधित्व विहीन रहेंगे, वही जिन चार वार्डो में पंच का फार्म भरा गया है वहां भी निर्विरोध वाली स्थिति है।
चुनाव शेड्यूल
- 21 मई तक नाम वापसी की अंतिम तिथि और उम्मीदवारों को चुनाव प्रतीकों का आवंटन होगा।
- एक जून को मतदान का दिन सुबह सात से दोपहर तीन बजे तक और मतदान के तुरंत बाद मतगणना होगी।
- चार जून को निर्वाचन परिणामों की आधिकारिक घोषणा की जाएगी।
नगर निगम उप चुनाव में चार प्रत्याशी मैदान में
वार्ड नं. 29 संजय गांधी नगर के पार्षद शेख असलम की मृत्यु के बाद रिक्त हुई सीट के लिए उप चुनाव की तैयारी शुरू हो चुकी है। संजय गांधी नगर से चुनाव लड़ने के लिए चार उम्मीदवारो ने नामांकन फार्म जमा किया था। इनमें भाजपा, कांग्रेस, आप व एक निर्दलीय उम्मीदवार था। स्क्रूटनी के बाद सभी के फार्म स्वीकार हो गए हैं। अब 21 मई को नाम वापसी के बाद चुनाव दिलचस्प होगा।
उप चुनाव में समय ज्यादा न होने की वजह से कई बार प्रत्याशी चुनाव में भाग नहीं लेते हैं। प्रशासन की मंशा चुनाव कराने की होती है। जहां भी दो या उससे अधिक नामांकन फार्म जमा हुआ हैं, वहा चुनाव होगा। हमारी तैयारी पूरी हो चुकी है। संजय अग्रवाल, कलेक्टर बिलासपुर
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