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बिलासपुर जिले में बच्चों के नियमित टीकाकरण पर गंभीर असर पड़ा है। पिछले 15 दिनों से 14 सप्ताह में लगने वाली कई जरूरी वैक्सीन की आपूर्ति बाधित है, जिससे सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में टीकाकरण प्रभावित हो रहा है। जानकारी के अनुसार, जिले के रीजनल और जिला वैक्सीन भंडार में पिछले करीब 15 दिनों से कई महत्वपूर्ण टीके उपलब्ध नहीं हैं। इनमें DTwP/DTap Hib 3, Hepatitis B4, IPV3, Rotavirus 3, और PCV 3 प्रमुख हैं। जानकारों का कहना है कि ये सभी टीके बच्चों की सेहत के लिए, खासकर 14 सप्ताह के टीकाकरण चक्र में, बेहद आवश्यक माने जाते हैं। जिला टीकाकरण अधिकारी मनोज सैमुअल ने अभिभावकों से अपील की है कि रोटासीन (जो आंत संबंधी रोग से बचाव के लिए लगाई जाती है) की अनुपलब्धता के कारण अन्य जरूरी टीकों को लगवाना बंद न करें। उन्होंने कहा कि जो टीके अभी उपलब्ध नहीं हैं, उन्हें 28 दिन बाद उपलब्ध होने पर लगाया जा सकता है। वैक्सीन की कमी ने स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। टीकाकरण केंद्रों पर टीके उपलब्ध न होने से अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। अधिकारी यह स्पष्ट नहीं कर पा रहे हैं कि वैक्सीन की आपूर्ति कब तक सामान्य हो पाएगी। स्वास्थ्य केंद्रों के चक्कर लगाने मजबूर टीकाकरण नहीं होने से अभिभावकों के समक्ष भटकाव की स्थिति निर्मित हो गई है। रोजाना स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने के बावजूद उन्हें वापस लौटना पड़ रहा है। कोई कुछ बताने की स्थिति में नहीं है। सिस्टम प्रभावित, लक्ष्य से लगातार पिछड़ रहे जिले में औसतन हर महीने 13 हजार बच्चों का टीकाकरण किया जाता है। सप्लाई प्रभावित होने से यह पूरा सिस्टम प्रभावित हो गया है और लक्ष्य पिछड़ता जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक वैक्सीन की कमी की समस्या सिर्फ जिले तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश स्तर पर वैक्सीन सप्लाई प्रभावित होने के कारण यह स्थिति बनी है। क्या है खतरा? विशेषज्ञों के अनुसार, समय पर टीकाकरण नहीं होने से बच्चों में संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है, इसलिए जल्द सप्लाई बहाल होना जरूरी है। वैक्सीन के लिए स्टेट के संपर्क में बिलासपुर जिला टीकाकरण अधिकारी मनोज सैमुअल ने कहा, रोटासीन जो इंटेस्टाइनल इंफेक्शन से बचाव के लिए इस्तेमाल किया जाता है, उसकी शार्टेज है। इसके लिए राज्य से सतत संपर्क में हैं। दरअसल राज्य स्तर से ही सप्लाई बंद है। अभिभावकों से अपील है कि सिर्फ एक रोटासीन के वजह से अपने बच्चे को वैक्सीन ड्रॉप न करें। पेंटा, डीपीटी, एमआरके वैक्सीन, एफआईपीवी लगवाएं, क्योंकि इसके न लगाने से बच्चों को ज्यादा घातक बीमारियां हो सकती हैं। इनमें कालरा, डिप्थिरिया, टेटनस, हेपेटाइटिस आदि वैक्सीन इनक्लूडेड हैं।
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