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बिलासपुर में बुधवार शाम हुई हल्की बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत जरूर दी, लेकिन उमस से राहत नहीं मिल सकी। कई दिनों से बादलों की आवाजाही के बीच आखिरकार दोपहर बाद बारिश हुई, जिससे मौसम का मिजाज बदला और तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई। शहर में बुधवार दोपहर करीब 3:40 बजे बारिश शुरू हुई। बारिश के बाद कुछ समय के लिए मौसम सुहावना रहा, लेकिन बाद में धूप निकलने से उमस बढ़ गई। मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को शहर का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रदेश में सक्रिय हैं कई मौसम प्रणालियां रायपुर मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक हरीशप्रकाश चंद्रा ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में कई मौसमी सिस्टम सक्रिय हैं, जिनके संयुक्त प्रभाव से अगले कुछ दिनों तक मौसम में बदलाव बना रहेगा। उन्होंने बताया कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके अलावा एक द्रोणिका पूर्वी मध्य प्रदेश से होते हुए विदर्भ, छत्तीसगढ़ और ओडिशा-झारखंड की ओर विस्तारित है। वहीं बिहार के ऊपर भी एक मौसमी तंत्र सक्रिय है। अरब सागर से आने वाली नमी युक्त हवाएं भी प्रदेश के मौसम को प्रभावित कर रही हैं। 11 और 12 जून को बारिश की संभावना मौसम विभाग के अनुसार, 11 जून को प्रदेश के एक-दो स्थानों पर हल्की वर्षा या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। वर्षा की गतिविधियां मुख्य रूप से प्रदेश के चरम उत्तर और दक्षिणी हिस्सों में देखने को मिल सकती हैं। एक-दो स्थानों पर अंधड़ चलने और वज्रपात की भी संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अधिकतम तापमान में फिलहाल कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन 12 जून से वर्षा की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने के संकेत हैं। 16 जून से 15 अगस्त तक मछली पकड़ने पर प्रतिबंध वहीं, आगामी वर्षा ऋतु और मछलियों के प्रजनन काल को देखते हुए बिलासपुर जिले में 16 जून से 15 अगस्त तक मत्स्याखेट पर प्रतिबंध लगाया गया है। मत्स्य पालन विभाग के अनुसार, जिले के सभी नदी, नालों, जलाशयों और अन्य प्राकृतिक जल स्रोतों में मछली पकड़ना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। हालांकि छोटे निजी तालाबों तथा जलाशयों में संचालित केज कल्चर को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है। नियम तोड़ने पर 25 हजार रुपए तक जुर्माना छत्तीसगढ़ राज्य मत्स्य क्षेत्र अधिनियम के तहत प्रतिबंध अवधि में मत्स्याखेट करते पाए जाने पर 25 हजार रुपए तक जुर्माना लगाया जा सकता है। विभाग ने मछुआरों और आम लोगों से नियमों का पालन करने की अपील की है, ताकि मछलियों की वंश वृद्धि और जलीय जैव विविधता का संरक्षण किया जा सके।
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