रतनपुर क्षेत्र के ग्राम भेड़ीमुड़ा में सायबर ठग ने खुद को सिम्स अस्पताल का डॉक्टर बताकर तीन महिलाओं से 88 हजार रुपये की ठगी कर ली। ठग ने मितानिन और मा …और पढ़ें

HighLights
- ठग ने खुद को सिम्स अस्पताल का डॉक्टर बताकर मितानिन को विश्वास में लिया
- मातृत्व वंदना योजना के पैसे दिलाने के नाम पर तीन महिलाओं से की लूट
- फोन पे नोटिफिकेशन पर क्लिक करते ही एक महिला के खाते से कटे 80 हजार
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। रतनपुर क्षेत्र के ग्राम भेड़ीमुड़ा में सायबर ठग ने खुद को सिम्स अस्पताल का डॉक्टर बताकर तीन महिलाओं से 88 हजार रुपये की ठगी कर ली। ठग ने मितानिन और मातृत्व वंदना योजना के हितग्राहियों की जानकारी जुटाकर उन्हें मातृत्व लाभ की राशि दिलाने का झांसा दिया था। शिकायत पर रतनपुर पुलिस अज्ञात मोबाइल धारक के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच को आगे बढ़ा रही है। पुलिस के अनुसार, भेड़ीमुड़ा निवासी स्वास्थ्य मितानिन उमादेवी कश्यप के मोबाइल पर अज्ञात मोबाइल धारक ने फोन कर खुद को सिम्स अस्पताल का डॉक्टर बताया।
मातृत्व वंदना योजना का झांसा देकर मितानिन के जरिए जाल में फंसाया
ठग ने मितानिन से वार्ड की गर्भवती महिलाओं और मातृत्व योजना की हितग्राहियों की जानकारी ली। इसके बाद उसने मितानिन को कॉन्फ्रेंस कॉल पर लेकर हितग्राही चंचल कश्यप, ममता कश्यप और आकांक्षा कश्यप से बात की। ठग ने उन्हें झांसा दिया कि उनके खाते में मातृत्व वंदना योजना के छह हजार रुपये आने हैं, लेकिन खाता सक्रिय करने के लिए कुछ राशि जमा करनी होगी। ठग के झांसे में आकर चंचल कश्यप ने 5,700 रुपये, ममता कश्यप ने 2,700 रुपये और आकांक्षा कश्यप ने 80,000 रुपये गंवा दिए। खाते में रुपये नहीं आने पर ठगी का एहसास हुआ तो तीनों ने रतनपुर थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है।
बटन दबाते ही खाते से साफ हुई रकम
ठग ने महिलाओं को विश्वास में लेने के लिए मोबाइल पर फोन पे का नोटिफिकेशन भेजा। उसने झांसा दिया कि इस बटन को दबाते ही उनके खाते में सरकारी योजना का पैसा आ जाएगा। जैसे ही महिलाओं ने मोबाइल स्क्रीन पर आए निर्देश का पालन किया, उनके खातों से पैसे कटने शुरू हो गए। सबसे बड़ी चपत आकांक्षा कश्यप को लगी, जिसके खाते से आठ बार में 80 हजार रुपये निकाल लिए गए। ठगी की सबसे बड़ी वजह यह रही कि ठग ने सीधे हितग्राहियों को फोन करने के बजाय पहले मितानिन को फोन किया।
मितानिन के भरोसे ने महिलाओं का तोड़ा विश्वास
मितानिन को लगा कि अस्पताल से वाकई डॉक्टर का फोन आया है, इसलिए उसने अपने हितग्राहियों से बात करवा दी। मितानिन की मौजूदगी के कारण महिलाओं ने बिना किसी संदेह के ठग के बताए अनुसार मोबाइल पर क्लिक कर दिया। इस तरह ठग ने स्थानीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता के भरोसे का इस्तेमाल कर निर्दोष महिलाओं को अपना शिकार बनाया।
<
