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बिलासपुर में एक रिटायर्ड कर्मचारी ऑनलाइन ठगी के शिकार हो गए। ठगों ने उनके अलग-अलग तीन बैंक अकाउंट से किश्तों में 3 लाख 32 हजार 184 रुपए निकाल लिए। बुजुर्ग को इसकी भनक तक नहीं लगी। जब बैंक पहुंचे, तब ठगी का पता चला। उनकी शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। उसलापुर स्थित अलका एवेन्यू कॉलोनी निवासी 69 वर्षीय बृजलाल श्रीवास शासकीय सेवा से रिटायर हैं और पेंशन के सहारे जीवनयापन कर रहे हैं। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि साइबर ठगों ने उनके बैंक अकाउंट से अलग-अलग दिन उनके खातों से रकम पार कर दी। पैसे निकालने बैंक पहुंचे, तब मिला अकाउंट खाली उन्होंने पुलिस को बताया कि 8 अप्रैल को यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के खाते से 94 हजार 67 रुपए निकाले गए हैं। उसी दिन स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के खाते से भी 94 हजार 67 रुपए 94 हजार 67 रुपए पार कर दी गई। फिर 9 अप्रैल को आईसीआईसीआई बैंक खाते से 49 हजार 50 रुपए निकाल लिए गए। इसके बाद 16 मई को ठगों ने फिर यूनियन बैंक के खाते को निशाना बनाया और 1 लाख 25 हजार रुपए उड़ा दिए। जब उन्हें पैसे की जरूरत हुई और वो विड्रॉल कराने बैंक पहुंचे, तब अकाउंट खाली मिला। खास बात यह है कि ठगों ने न तो उन्हें कॉल किया था और न ही उन्होंने ओटीपी शेयर किया है। इसके बाद भी ठगों ने बैंक अकाउंट से ऑनलाइन पैसे निकाल लिए। पेंशन ही सहारा, ठगों ने वही साफ कर दी बुजुर्ग ने मामले की शिकायत साइबर क्राइम सेल में की। शुरुआती जांच के बाद बुधवार को उन्होंने सिविल लाइन थाने में लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की। पीड़ित का कहना है कि पेंशन ही उनके जीवन का एकमात्र सहारा है और ठगों ने उनकी जमा पूंजी तक नहीं छोड़ी। सिविल लाइन पुलिस ने मामला दर्ज कर साइबर सेल की मदद से जांच शुरू कर दी है। साइबर ठगी से बचने सावधानी जरूरी
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