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छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में बिल्डर, रियल एस्टेट, कोयला कारोबारी और राइस मिलर एक फार्म हाउस में जुआ खेलते पकड़ाए हैं। पुलिस ने छापेमारी कर 8 जुआरियों को गिरफ्तार किया है। उन पर गैरजमानतीय केस दर्ज किया है। घटना कोनी थाना क्षेत्र की है। दरअसल, एसएसपी रजनेश सिंह को पिछले कुछ दिनों से शिकायत मिल रही थी कि, गतौरी स्थित फार्म हाउस में जुआ खिलाया जा रहा है। फार्म हाउस संचालक मनीष शर्मा अपने वृंदावन ग्रीन फार्म हाउस में रसूखदार जुआरियों को जुआ खिलाता है। जिस पर एसएसपी रजनेश सिंह ने सिविल लाइन सीएसपी निमितेश सिंह और कोटा एसडीओपी नुपूर उपाध्याय के नेतृत्व में टीम गठित कर रेड मारने के निर्देश दिए। फार्म हाउस को घेरकर मारा छापा, 8 जुआरी गिरफ्तार जिसके बाद पुलिस की टीम ने रविवार की रात घेराबंदी कर छापेमारी की। इस दौरान जवानों ने फार्म हाउस को चारों तरफ से घेर लिया। जिससे जुआरियों को भागने का मौका न मिले। पुलिस अफसर सीधे मौके पर पहुंचे, तब जुआरी ताश-पत्तियों पर दांव लगाते मिले। इस दौरान 8 जुआरियों से 3 लाख 80 हजार रुपए कैश, आई फोन समेत 11 मोबाइल और 5 कार जब्त किए गए। बिल्डर, रियल-एस्टेट, कोयला कोराबारी और राइस मिलर जैसे रसूखदार जुआरी सीएसपी निमितेश सिंह ने बताया कि, पकड़े गए जुआरियों ने बिल्डर, रियल एस्टेट, कोयला कारोबारी और राइस मिलर शामिल हैं, जिसमें ओमनगर निवासी रोशन सिंह (38), राजीव गांधी चौंक के पास रहने वाला मुन्ना गोयल, मंगला के दीनदयाल कॉलोनी निवासी विकास सिंह। विद्यानगर निवासी फार्म हाउस संचालक मनीष शर्मा (42), विद्यानगर निवासी नीरज शर्मा (42), रामा लाइफ सिटी निवासी दीपक अग्रवाल (37), तखतपुर निवासी चंद्रकिशन अग्रवाल निवासी और तिफरा के नया बस स्टैंड के पास रहने वाला मयंक सोनकर (20) शामिल हैं। कोनी पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल शहर से लगे कोनी थाना क्षेत्र के गतौरी स्थित फार्म हाउस में लंबे समय से जुआ खिलाया जा रहा था। आरोप है कि यह खेल कोनी पुलिस की मिलीभगत से चल रहा था। यही वजह है कि कार्रवाई में कोनी पुलिस को शामिल नहीं किया गया। अफसरों ने पहले सीधे रेड मारी, जिसके बाद आरोपियों को पकड़कर कोनी पुलिस को सौंप दिया गया। एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर सभी जुआरियों के खिलाफ गैरजमानतीय केस दर्ज किया गया है।
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