नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। पाश कॉलोनियों को सट्टे का अड्डा बनाने वाले अंतरराज्यीय सिंडिकेट का सकरी पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। बीट सिस्टम की मुस्तैदी से ओम स्पेस कालोनी में दबिश देकर आइपीएल और लूडो पर दांव लगवाते सात आरोपितों को दबोचा गया। इनके मोबाइल से दो करोड़ के अवैध कारोबार का कच्चा चिट्ठा मिला है। मुख्य सरगना शहर का रहने वाला है, जिसने मध्य प्रदेश के विभिन्न शहरों से युवको को बुलवाकर उनसे यह अवैध कारोबार करा रहा था।
एसएसपी रजनेश सिंह ने मामले का पर्दाफाश करते हुए बताया कि सकरी पुलिस को बीट सिस्टम के माध्यम से सूचना मिली थी कि ओम स्पेस कालोनी के मकान में बाहरी व्यक्तियों द्वारा संदिग्ध गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। सूचना पर एसीसीयू की तकनीकी टीम के साथ मिलकर 29 अप्रैल को घेराबंदी कर दबिश दी गई।
मौके से गिरोह का सरगना सरकंडा निवासी राहुल छाबड़ा अपने छह अन्य साथियों के साथ ऑनलाइन सट्टा संचालित करते हुए पकड़ा गया। राहुल छाबड़ा आदतन अपराधी है, जिसके विरुद्ध पूर्व में भी सट्टा खिलाने के कई मामले दर्ज किए जा चुके हैं।
पूछताछ में यह पता चला कि यह गिरोह अन्य राज्यों के सटोरियों से सीधा संपर्क कर लूडो और आइपीएल मैचों पर दांव लगवाता था। आरोपितों के पास से बरामद 21 मोबाइल फोन के विश्लेषण से पुलिस को दो करोड़ रुपये से अधिक के सट्टा-पट्टी का हिसाब मिला है।
यह गिरोह इतना संगठित था कि मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों जैसे सागर, बालाघाट और कटनी से लड़कों को बुलाकर यहां किराए के मकान में सट्टा खिलाने का काम लिया जा रहा था।
पुलिस ने इनके पास से 13 एटीएम कार्ड और आठ पासबुक भी बरामद की हैं, जिनसे करोड़ों के लेन-देन की पुष्टि हुई है। सभी आरोपितों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम और संगठित अपराध की धाराओं के तहत कार्रवाई कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
बरामद मशरूका की सूची
पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से 21 नग मोबाइल, 3 नग लैपटाप, 13 एटीएम कार्ड और आठ नग पासबुक जब्त किए हैं। इसके अलावा सट्टा कारोबार में उपयोग की जा रही क्रेटा कार एमपी 18 जेडबी 8565 को भी पुलिस ने अपने कब्जे में लिया है।
पकड़े गए आरोपितों का विवरण
गिरफ्तार आरोपितों में सरकंडा का राहुल छाबड़ा, सागर का ओमप्रकाश नागवानी, बालाघाट का आशीष सोमानी और कटनी के कैलाश चावला, विजय नागवानी व दिनेश लालवानी शामिल हैं। गिरोह में एक नाबालिग को भी शामिल किया गया था।
बीट सिस्टम और तकनीकी सर्विलांस के समन्वय से इस अंतरराज्यीय गिरोह को पकड़ा गया है। आरोपितों के बैंक खातों की विस्तृत जांच की जा रही है, ताकि इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य राज्यों के आरोपितों तक पहुंचा जा सके। जुआ और सट्टा के खिलाफ यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।
रजनेश सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर
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