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बिलासपुर में कांग्रेस ने खाद, बीज, बिजली और डीजल समेत किसानों की 9 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। कांग्रेस भवन से बैलगाड़ियों में रैली निकालकर कलेक्टोरेट का घेराव करने पहुंचे कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गेट पर रोक दिया। इस दौरान पुलिस और कांग्रेसियों के बीच अंदर जाने को लेकर जोरदार धक्का-मुक्की हुई। भीषण गर्मी के बावजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं का उत्साह बना रहा। जुलूस निकालने से पहले कार्यकर्ताओं को लाल गमछे बांटे गए। बैलगाड़ियों में सवार होकर कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव, मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया, पूर्व विधायक शैलेश पांडेय, सियाराम कौशिक, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री, पूर्व अध्यक्ष विजय केशरवानी, पूर्व मेयर रामशरण यादव, जावेद मेमन, महेश दुबे, विजय पांडेय और समीर बबला जैसे नेता तिरंगा लहराते और नारे लगाते दिखे। कोटा विधानसभा क्षेत्र के विधायक अटल श्रीवास्तव ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि खाद, बीज और बिजली की आपूर्ति में कटौती कर सरकार किसानों के उत्पादन को कम करना चाहती है, ताकि धान की खरीदी कम करनी पड़े। विधायक श्रीवास्तव ने आगे आरोप लगाया कि भाजपा सरकार किसानों के हाथ में खाली कटोरा थमाना चाहती है और जल, जंगल, जमीन को अडानी व अंबानी के हाथों बेचना चाहती है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन इसी के विरोध में किया जा रहा है और आगे भी जारी रहेगा। देखिए तस्वीरें… मांगें पूरी नहीं हुई तो उग्र आंदोलन होगा- गंगोत्री जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री ने आरोप लगाया कि, केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार किसानों के हितों के साथ लगातार कुठाराघात कर रही है। धान की खेती शुरू होने के पहले ही किसानों को खाद, बीज, बिजली, डीजल आदि की पर्याप्त सप्लाई नहीं हो रही है। इसलिए किसानों की 9 सूत्रीय मांगों को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी ने कलेक्टोरेट का घेराव किया। उन्होंने कहा कि सरकार को जगाने के लिए सड़कों पर उतरे और मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंप कर किसानों की 9 सूत्रीय मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की गई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगे पूर्ण नहीं की गई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान ट्रैफिक रहा ठप कांग्रेसियों के कलेक्टोरेट घेराव के दौरान करीब 25-30 मिनट तक मेन रोड पर ट्रैफिक ठप रहा, पुलिस का सारा ध्यान कलेक्टोरेट के गेट पर ही कांग्रेसियों को रोकने में लगा रहा। बाहर रस्सी बांधे और उसके पीछे पुलिस के जवान खड़े रहे, अंदर गेट को धक्का रहे कांग्रेसियों से बचाने के लिए पुलिस जोरआजमाइश करती रही। किसानों पर अन्याय बर्दाश्त नहीं करेंगे कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सोसाइटियों और पेट्रोल पंपों पर कड़े प्रशासनिक नियम थोपकर किसानों को प्रताड़ित किया जा रहा है, जिसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसानों की प्रमुख मांगों में बिजली कटौती बंद करने, खाद कटौती का ‘तुगलकी फरमान’ वापस कराने, खरीफ सीजन के लिए प्रति एकड़ मात्र 1 बोरी खाद की पात्रता का नियम निरस्त कर वास्तविक आवश्यकता के अनुरूप पर्याप्त खाद की आपूर्ति शामिल है। इसी प्रकार तीन किस्तों में खाद देने की नीति बंद करने, 5 एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों को तीन किश्तों में खाद देने का नियम बंद कर सभी किसानों को एकमुश्त खाद सप्लाई करने, ‘सुपर फ्लॉप’ टोकन व्यवस्था को तुरंत बंद करने और खाद-बीज पर प्रशासनिक नियंत्रण तत्काल हटाने की मांग प्रमुख रूप से शामिल है।
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