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बिलासपुर नगर निगम में पिछले 8 साल से बजट लगातार बढ़ रहा है, जो अब 1300 करोड़ से अधिक तक पहुंच गया है। साल 2018-19 में 776 करोड़ का बजट था। इस दौरान शहर विकास की कई ऐसी योजनाएं दिखाई गई, जो अब तक फाइलों में सिमट कर रह गई है। हर साल नई घोषणाएं हुई, लेकिन पुरानी अभी भी अधूरी हैं और जमीन पर अटकी हुई हैं। इस बार नगर निगम ने शिक्षा और डिजिटल सुविधाओं पर खास फोकस किया है। स्टूडेट्स को पढ़ाई और कंपटीटिव एग्जाम की तैयारी में मदद देने के लिए शहर में फ्री वाई-फाई सुविधा शुरू करने की योजना है। वहीं, छात्राओं के लिए मुफ्त सेनेटरी पैड उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी रखा गया है, जिससे स्वास्थ्य और स्वच्छता को लेकर जागरूकता बढ़ाई जा सके। साथ ही क्रिकेट संघ को जमीन देकर अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम बनाने की भी योजना है। दैनिक भास्कर की इनसाइड स्टोरी में जानिए 8 साल का बजट और निगम की वो योजनाएं जो अब तक बजट से जमीन पर नहीं उतर पाई है। जानिए पिछले साल का बजट और निगम की योजनाएं नए परियोजना नगरोत्थान योजना के लिए बजट वर्ष 2025-26 में कई कामों के लिए 60 करोड़ की स्वीकृति की गई थी। इसमें से ज्यादातर काम अब तक शुरू नहीं हुआ है। हालत यह है कि जिन 17 ग्राम पंचायतों को नगर निगम में शामिल किया गया, वहां के लोग बिजली, पानी, नाली और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। पिछले साल की योजनाएं जो अधूरी है 8 साल में 315 करोड़ बढ़ा बजट, 8 बड़ी घोषणाएं आज तक अधूरी पिछले आठ साल में नगर निगम का बजट लगातार बढ़ा है। 2018-19 में 776 करोड़ का बजट था, जो बढ़कर 1089 करोड़ और अब 1300 करोड़ से अधिक तक पहुंच गया है। लेकिन, इस दौरान कई बड़ी घोषणाएं आज तक पूरी नहीं हो सकीं। निगम की बजट में कई योजनाएं ऐसी हैं, जो हर साल दोहराई जाती हैं। लेकिन जमीन पर काम शुरू नहीं हो पाता। इसमें अमेरी में 50 एकड़ जमीन पर स्टेडियम और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाने की योजना अब तक फंड के अभाव में अटकी हुई है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 750 सीट का प्रशिक्षण केंद्र शुरू करने की घोषणा भी पूरी नहीं हो सकी। इसी तरह 2 करोड़ रुपए खर्च कर अर्बन कॉटेज और सर्विस इंडस्ट्रीज पार्क बनाया गया, लेकिन इसका अभी तक सही इस्तेमाल नहीं हो पाया है। जानिए इस बार नगर निगम की खास योजनाएं निगम की सामान्य सभा में 33% महिला आरक्षण का प्रस्ताव पारित कर राज्य शासन को भेजने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा पार्षदों को आजीवन पेंशन, मानदेय बढ़ाने और पार्षद निधि में वृद्धि का प्रस्ताव भी पास किया गया। शहर में क्रिकेट स्टेडियम निर्माण के लिए ग्राम मंगला में 12 एकड़ जमीन देने पर भी सहमति बनी, जिससे खेल सुविधाओं को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। हर जोन में बनेगा पिंक टॉयलेट और गार्डन निगम के इस बजट में पिछली बार की तरह इस बार भी महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता दी गई है। हर जोन में पिंक टॉयलेट बनाने, पिंक गार्डन विकसित करने और छात्राओं को मुफ्त सेनेटरी पैड देने की योजना शामिल है। इन योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित और सम्मानजनक सार्वजनिक स्थान उपलब्ध कराना है, जिससे उनकी भागीदारी शहर के सामाजिक जीवन में और बढ़ सके। स्मार्ट वेंडिंग जोन और फूड स्ट्रीट होगा विकसित निगम ने शहर को डिजिटल रूप से मजबूत बनाने के लिए फ्री वाई-फाई की योजना बनाई है। इसके साथ ही स्मार्ट वेंडिंग जोन और फूड स्ट्रीट विकसित करने का प्रस्ताव भी रखा गया है। यह पहल न केवल शहर को आधुनिक बनाएगी, बल्कि युवाओं और छोटे व्यापारियों के लिए नए अवसर भी पैदा करेगी। बजट पर मेयर, सभापति और विपक्ष की प्रतिक्रिया सभापति विनोद सोनी का कहना है कि 1300 का बजट है, जिससे पूरे शहर का विकास होगा। अतिक्रमण और अवैध निर्माण पर सख्ती की जाएगी। शहर विकास के लिए नई योजनाएं लागू की जा रही हैं। लोगों की सुविधाओं को बढ़ावा मिलेगा। पिछले साल के बजट में जो काम नहीं हुआ है वो इस बार पूरा होगा। बजट पुरानी है, केवल लिफाफा बदला है कांग्रेस पार्षद शहजादी कुरैशी ने कहा कि, पिछले साल नगर निगम में 1000 करोड़ से अधिक का बजट पेश किया गया था। कांग्रेस सरकार और मेयर बताएं कि इतनी राशि से शहर में क्या काम हुआ। कहीं कोई काम नहीं दिख रहा है। पुरानी बजट में राशि बढ़ा दी गई है, जिसमें नया लिफाफा लगाकर पेश किया गया है। इनकी मंशा शहर विकास की नई है। महिलाओं के लिए पिंक टायलेट और पिंक गार्डन बनाने की है योजना मेयर पूजा विधानी ने कहा कि, बजट में जनता को मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने की योजना है। शहर की सड़कों का डामरीकरण करने, डिवाइडर का सौंदर्यीकरण, महिलाओं के लिए पिंक टायलेट और पिंक गार्डन बनाने की योजना है। इसके साथ ही नगर निगम में शामिल ग्राम पंचायतों में 5-5 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही नाली निर्माण और जलभराव की समस्याओं को दूर करने की योजना है।
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