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बस्तर जिले में चल रहे ‘ज्ञानभारतम’ पांडुलिपि सर्वे अभियान के दौरान ग्रामीण इलाकों से महत्वपूर्ण खोज सामने आई है। ग्राम पंचायत बेसोली के बोड़नपाल और ग्राम पंचायत कोलचुर में प्राचीन ताड़पत्र पांडुलिपियां मिली हैं। ये पांडुलिपियां लंबे समय से स्थानीय स्तर पर सुरक्षित थीं और अब सर्वे के दौरान इन्हें चिन्हित किया गया है। अधिकारियों के अनुसार ये पांडुलिपियां काफी पुरानी हैं और इनमें चिकित्सा, ज्योतिष और पारंपरिक ज्ञान से जुड़ी जानकारी दर्ज है। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि इन दस्तावेजों में स्थानीय परंपराओं और जीवनशैली से जुड़े उल्लेख भी हो सकते हैं। अब विशेषज्ञों की मदद से इनकी विस्तृत जांच कराई जाएगी, जिससे इनकी सही उम्र, भाषा और विषयवस्तु का पता लगाया जा सके। ग्रामीण क्षेत्रों में छिपे पुराने दस्तावेजों की खोज पर जोर सर्वे से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी कई परिवारों के पास पुराने दस्तावेज सुरक्षित हैं, लेकिन जानकारी के अभाव में वे सामने नहीं आ पाते। इस अभियान का मकसद ऐसे ही दस्तावेजों को खोजकर उन्हें संरक्षित करना है। बोड़नपाल और कोलचुर में मिली पांडुलिपियां इस दिशा में अहम उपलब्धि मानी जा रही हैं। मिली पांडुलिपियों को सुरक्षित और डिजिटल करने की तैयारी प्रशासन का कहना है कि इन पांडुलिपियों को सुरक्षित रखने के लिए आगे जरूरी कदम उठाए जाएंगे। साथ ही इन्हें डिजिटल रूप में सहेजने की योजना भी है, ताकि आने वाले समय में शोध और अध्ययन के लिए इनका उपयोग किया जा सके। ‘ज्ञानभारतम’ अभियान में बस्तर की खोज बनी अहम उपलब्धि प्रदेश में चल रहे ‘ज्ञानभारतम’ अभियान के तहत अलग-अलग जिलों में पुराने दस्तावेज, ग्रंथ और पांडुलिपियों का सर्वे किया जा रहा है। बस्तर जिले में मिली यह खोज इस अभियान के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है और आने वाले समय में ऐसे और दस्तावेज सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है।
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