![]()
बलौदाबाजार में 10 जून 2024 को हुई हिंसा और आगजनी के मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने तीन प्रमुख आरोपियों को राहत देने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी प्रमुख अमित बघेल, छग क्रांति सेना के प्रदेश अध्यक्ष अजय यादव और अमित बघेल के करीबी दिनेश वर्मा की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। हाईकोर्ट ने इस मामले को अत्यंत गंभीर माना है। कोर्ट ने कहा कि आरोपियों पर बड़ी भीड़ को भड़काने, पुलिस पर हमला करने और सार्वजनिक संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाने जैसे गंभीर आरोप हैं। घटना में 13 से 15 करोड़ रुपए की संपत्ति का नुकसान होने का अनुमान है, जबकि पुलिस के अनुसार 7,000 से 8,000 लोगों की भीड़ हिंसक हो गई थी। दोबारा जमानत आवेदन पेश करने की छूट इस मामले में गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत भी गंभीर टिप्पणियां आई हैं, जिससे आरोपियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। लंबी सुनवाई के बाद कोर्ट ने तत्काल जमानत देने से इनकार कर दिया। हालांकि, आरोपियों को एक साल बाद दोबारा जमानत आवेदन प्रस्तुत करने की छूट दी गई है। अमित बघेल, दिनेश वर्मा और अजय यादव को जेल में ही रहना होगा अमित बघेल को 11 जनवरी 2024 को गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में अब तक 200 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। अधिकांश आरोपियों को पहले ही जमानत मिल चुकी है, लेकिन हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद अमित बघेल, दिनेश वर्मा और अजय यादव को अभी जेल में ही रहना होगा। अमित बघेल 11 जनवरी से जेल में हैं एएसपी अभिषेक सिंह ने बताया कि बलौदाबाजार आगजनी मामले में अमित बघेल 11 जनवरी से जेल में हैं और उनके खिलाफ चार मामले दर्ज हैं। उन्होंने पुष्टि की है कि हाईकोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी है, और कोर्ट के आदेश के अनुसार वे जेल में ही रहेंगे। वर्तमान में अमित बघेल, दिनेश वर्मा और अजय यादव इस मामले में जेल में बंद हैं।
<
