![]()
बलरामपुर-रामानुजगंज पुलिस ने रक्षित केंद्र बलरामपुर के परेड ग्राउंड में साप्ताहिक जनरल परेड का आयोजन किया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक वैभव बेंकर की उपस्थिति में बलवा ड्रिल का पूर्ण अभ्यास भी कराया गया। यह अभ्यास विभिन्न कानून व्यवस्था ड्यूटी से निपटने की तैयारियों के तहत किया गया। इसमें इकाई के नजदीकी थाना-चौकी और मुख्यालय के पुलिस बल को एकत्रित कर जनरल परेड का निरीक्षण किया गया। जनरल परेड के बाद बलवा ड्रिल की विभिन्न कार्यवाहियों का अभ्यास कराया गया। उपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों को टीमों में बांटकर उचित ब्रीफिंग दी गई और एक-एक कार्रवाई से अवगत कराया गया। अभ्यास के दौरान उच्च कोटि की टर्न आउट एवं मार्क ड्रिल का अच्छा प्रदर्शन करने वाले कुल 05 कर्मचारियों को प्रोत्साहन के तौर पर इनाम दिया गया। इस पूरी कार्यवाही में उप पुलिस अधीक्षक प्रमोद किस्पोट्टा, रक्षित निरीक्षक विमलेश कुमार देवांगन, निरीक्षक राजेंद्र यादव और अन्य अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे। बलरामपुर में फॉरेंसिक मोबाइल वाहन का शुभारंभ वहीं, बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में सीन ऑफ क्राइम फॉरेंसिक मोबाइल वाहन का शुभारंभ किया गया। इस वाहन का उद्घाटन सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज ने वर्चुअल माध्यम से किया। इस अवसर पर कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक वैभव बेंकर और वनमंडलाधिकारी विवेकानंद झा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। यह पहल भारत सरकार और छत्तीसगढ़ शासन के गृह (पुलिस) विभाग द्वारा सटीक जांच, त्वरित न्याय और सुरक्षित समाज की दिशा में एक नई पहल के रूप में की गई है। पुलिस लाइन बलरामपुर के परेड ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में इस वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। पुलिस अधीक्षक बलरामपुर ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बताया कि इस मोबाइल वाहन में उपलब्ध तकनीकों और उपकरणों के माध्यम से घटनास्थल पर ही प्राथमिक वैज्ञानिक परीक्षण, साक्ष्य संरक्षण, डिजिटल डेटा अधिग्रहण, फिंगरप्रिंट विकास और नारकोटिक्स परीक्षण जैसी महत्वपूर्ण कार्यवाहियां तत्काल की जा सकेंगी। इससे ‘चेन ऑफ कस्टडी’ के अनुरूप साक्ष्य पैकेजिंग भी सुनिश्चित होगी। इस अवसर पर रक्षित निरीक्षक विमलेश कुमार देवांगन, मुख्यालय के नजदीकी थाना चौकी प्रभारी, विवेचकगण और अन्य पुलिस अधिकारी-कर्मचारी भी मौजूद रहे।
<
