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प्रदेश में इस साल तीन नहीं, बल्कि दो संस्थानों को ही छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (सीजीआईटी) में अपग्रेड किया जाएगा। तकनीकी शिक्षा विभाग ने जीईसी रायपुर और जीईसी बिलासपुर को सीजीआईटी बनाने की तैयारी पूरी कर ली है, जबकि दुर्ग पॉलिटेक्निक को फिलहाल इस योजना से बाहर रखा गया है। इसकी जगह अगले साल छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय के यूटीडी को सीजीआईटी में अपग्रेड करने की तैयारी की जा रही है। आईआईटी की तर्ज पर भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में प्रदेश के हर लोकसभा क्षेत्र में सीजीआईटी खोलने का वादा किया था। छत्तीसगढ़ में कुल 11 लोकसभा क्षेत्र हैं। इसी लक्ष्य के तहत सरकार चरणबद्ध तरीके से सीजीआईटी की स्थापना कर रही है। प्रदेश में अभी चार सीजीआईटी संचालित हो रहे हैं। गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज (जीईसी) जगदलपुर के अलावा जशपुर, रायगढ़ और कबीरधाम के संस्थानों को पहले ही अपग्रेड कर सीजीआईटी का दर्जा दिया जा चुका है। अब रायपुर और बिलासपुर में नए सीजीआईटी शुरू होने के बाद प्रदेश में ऐसे संस्थानों की संख्या बढ़कर छह हो जाएगी। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि आने वाले वर्षों में बाकी लोकसभा क्षेत्रों में भी चरणबद्ध तरीके से सीजीआईटी स्थापित किए जाएंगे। जीईसी रायपुर-बिलासपुर में 120-120 सीटें बढ़ेंगी
सीजीआईटी में अपग्रेड होने के साथ ही जीईसी रायपुर और जीईसी बिलासपुर में दो-दो नए ब्रांच शुरू किए जाएंगे। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) और डेटा साइंस जैसे आधुनिक कोर्स शामिल हैं। दोनों संस्थानों में 120-120 सीटों की बढ़ोतरी होगी। पहले जीईसी रायपुर में बीटेक की 294 सीटें थीं, जो अब बढ़कर 414 हो जाएंगी। इसी तरह जीईसी बिलासपुर में 273 सीटें थीं, जो बढ़कर 393 हो जाएंगी। पिछले साल जीईसी जगदलपुर को सीजीआईटी में अपग्रेड किया गया था। वहां पहले 282 सीटें थीं, जो बाद में बढ़कर 402 हो गईं। वहीं जशपुर, कबीरधाम और रायगढ़ सीजीआईटी में अभी 180-180 सीटें संचालित हैं। इस तरह प्रदेश के छह सीजीआईटी में इस बार कुल 1749 सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा। जिन पॉलिटेक्निक को सीजीआईटी बनाया, वहां कम रही डिमांड
जशपुर, कबीरधाम और रायगढ़ के पॉलिटेक्निक संस्थानों को सीजीआईटी में अपग्रेड किया गया था, लेकिन इन संस्थानों में छात्रों का अपेक्षित रुझान नहीं दिखा। पिछले साल जशपुर सीजीआईटी में 180 सीटों के मुकाबले केवल 15 छात्रों ने एडमिशन लिया। कबीरधाम में 180 में से करीब 50 सीटें भरीं, जबकि रायगढ़ सीजीआईटी में 180 सीटों के मुकाबले करीब 75 प्रवेश हुए। इसके उलट गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज (जीईसी) जगदलपुर, जिसे सीजीआईटी में अपग्रेड किया गया था, वहां लगभग सभी सीटों पर प्रवेश हुए। तकनीकी शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि जीईसी जगदलपुर पहले से स्थापित और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर वाला संस्थान था। वहां पहले भी एडमिशन के लिए प्रतिस्पर्धा रहती थी, इसलिए अपग्रेड के बाद छात्रों का भरोसा और बढ़ा। वहीं जशपुर, कबीरधाम और रायगढ़ के पॉलिटेक्निक संस्थानों में लैब, फैकल्टी, कैंपस और प्लेसमेंट जैसी सुविधाएं सीमित होने के कारण छात्रों का रुझान अपेक्षाकृत कम रहा।
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