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राजनांदगांव जिले में अवैध गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत डोंगरगांव पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने माइनिंग विभाग का फर्जी अधिकारी बनकर ट्रांसपोर्टर से अवैध वसूली करने वाले महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट कार भी जब्त की गई है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देश पर की गई। खेत में चल रहा था मिट्टी समतलीकरण का काम पुलिस के अनुसार, ग्राम दर्री निवासी रामसिंह राजपूत 7 मई की दोपहर ग्राम आमगांव में एक किसान के खेत में मिट्टी समतलीकरण का कार्य करवा रहे थे। इसी दौरान एक सफेद स्विफ्ट कार (CG 04 PN 1413) वहां पहुंची। कार में सवार तीन लोगों ने खुद को माइनिंग विभाग का अधिकारी बताया और मौके पर मौजूद रामसिंह राजपूत व उनके ड्राइवर तनुज कुमार को अवैध उत्खनन के मामले में फंसाने की धमकी दी। कार्रवाई से बचाने के नाम पर मांगे 10 हजार रुपए आरोपियों ने कहा कि यदि पैसे नहीं दिए गए तो उनके खिलाफ कार्रवाई कर बदनाम किया जाएगा। डर के कारण पीड़ित ने आरोपियों के बताए मोबाइल नंबर पर 6 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। शिकायत मिलते ही सक्रिय हुई पुलिस घटना की शिकायत मिलने के बाद डोंगरगांव थाना पुलिस तुरंत हरकत में आई। कीर्तन राठौर और मंजूलता बाज के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने घेराबंदी कर कुमरदा पेट्रोल पंप के पास संदिग्ध स्विफ्ट कार को रोक लिया। महिला समेत तीन आरोपी गिरफ्तार कार में सवार तीनों आरोपियों की पहचान रवि शर्मा, रेहाना बेगम और शेख अरमान के रूप में हुई। पुलिस ने पीड़ित की रिपोर्ट पर विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट में पेश कर भेजा गया जेल गिरफ्तारी के बाद शुक्रवार को तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस टीम की भूमिका सराहनीय इस कार्रवाई में प्रशिक्षु IPS आदित्य कुमार, निरीक्षक आशीर्वाद राहटगांवकर, उप निरीक्षक पुष्पराज साहू समेत डोंगरगांव थाना टीम की अहम भूमिका रही। पुलिस अब आरोपियों के पुराने रिकॉर्ड और इस तरह की अन्य घटनाओं में उनकी संलिप्तता की भी जांच कर रही है।
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