![]()
गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में फर्जी जाति प्रमाण-पत्र के आधार पर सरकारी सुविधाओं का लाभ लेने का एक गंभीर मामला सामने आया है। इस संबंध में कलेक्टर कार्यालय ने उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति, नवा रायपुर को एक आधिकारिक पत्र भेजा है। कलेक्टर कार्यालय गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही द्वारा 14 मई को भेजे गए इस पत्र में ग्राम पोड़ी, थाना सीपत (बिलासपुर) के कुछ व्यक्तियों पर आरोप है कि उन्होंने साजिश कर के दस्तावेजों के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजाति ‘बैगा’ का फर्जी प्रमाण-पत्र बनवाया है। इन प्रमाण-पत्रों का उपयोग शासकीय सेवा का लाभ लेने के लिए किया गया है। जीपीएम जिले से फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए यह कार्रवाई राष्ट्रीय समन्वयक एवं प्रभारी अर्चना पोर्ते द्वारा 12 मई को सौंपे गए आवेदन और संदर्भ पत्र के आधार पर शुरू की गई है। शिकायत में उल्लेख है कि अन्य जातियों के लोगों ने पूर्व में बिलासपुर और वर्तमान में गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले से फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए हैं। राज्य स्तरीय जाति सत्यापन छानबीन समिति से जांच की मांग कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने इस पूरे मामले की राज्य स्तरीय जाति सत्यापन छानबीन समिति से जांच कराने का अनुरोध किया है। उन्होंने दोषियों पर उचित कानूनी कार्यवाही करने की मांग भी की है। पत्र के साथ संबंधित दस्तावेज और आवेदन पत्र भी आवश्यक कार्यवाही हेतु संलग्न कर भेजे गए हैं।
<
