बालोद| जिला प्रशासन द्वारा प्रत्येक ब्लॉक की दो-दो पंचायतों को प्लास्टिक मुक्त ग्राम बनाने की घोषणा की गई थी, लेकिन जमीनी स्तर पर इस दिशा में अपेक्षित प्रगति नहीं दिखाई दे रही है। योजना की घोषणा के बाद भी गांवों में प्लास्टिक कचरे का उपयोग और उसका फैलाव पहले की तरह ही जारी है। कई स्थानों पर सिंगल यूज़ प्लास्टिक का खुलेआम उपयोग देखा जा रहा है, जिससे स्वच्छता अभियान पर सवाल उठ रहे हैं। न तो नियमित निगरानी हो रही है।
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