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गरियाबंद जिले के मैनपुर ब्लॉक में ग्रामीणों ने नेशनल हाईवे 130C को अनिश्चितकाल के लिए जाम कर दिया है। यह प्रदर्शन अमाड पंचायत के आश्रित ग्रामों के निवासी जुगाड़ के पास कर रहे हैं। ग्रामीण पुल निर्माण कार्य रुकने और पुराने रपटे के टूटने से आवागमन में हो रही परेशानी को लेकर विरोध कर रहे हैं। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं और स्कूली बच्चे शामिल हैं। जिला पंचायत सदस्य संजय नेताम और लोकेश्वरी नेताम भी ग्रामीणों के समर्थन में मौके पर मौजूद हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पुल निर्माण के लिए उनका अस्थाई रपटा तोड़ दिया गया है, जिससे बरसात में 6 गांवों के सैकड़ों लोगों को मुख्यालय आने-जाने में भारी दिक्कत होगी। उच्च स्तरीय पुल निर्माण के लिए मिली थी मंजूरी दरअसल नेशनल हाईवे से अमाड को जोड़ने वाले मार्ग पर पट्टाबहाल नाले पर एक उच्च स्तरीय पुल का निर्माण प्रस्तावित था। खासकर केंद्रीय सहायता मद से 1.49 करोड़ रुपए की मंजूरी 2024 में मिली थी। कार्य एजेंसी पीएमजीएसवाय विभाग ने एमएस नमन कंस्ट्रक्शन से अनुबंध कर फरवरी माह में काम शुरू किया था। NOC के अभाव में निर्माण कार्य रुका ठेका कंपनी ने पहले से मौजूद रपटे को तोड़कर नींव की खुदाई शुरू की थी। इसी दौरान उदंती अभयारण्य प्रशासन ने अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) न होने का हवाला देते हुए काम रोक दिया। प्रशासनिक तालमेल के अभाव में यह निर्माण कार्य अधर में लटक गया है। ग्रामीणों ने पहले भी की थी शिकायत ग्रामीणों ने 30 मार्च 2026 को कलेक्टोरेट पहुंचकर अपनी समस्या से अवगत कराया था और मांग की थी कि बारिश से पहले उनके मार्ग को आवाजाही लायक बनाया जाए, लेकिन प्रशासन ने इस पर कोई पहल नहीं की। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे जिला पंचायत सदस्यों ने प्रशासन पर आदिवासी अंचल के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया है। बरसात से पहले रपटे की मरम्मत की मांग उनकी मांग है कि बरसात से पहले पुराने रपटे की मरम्मत की जाए, ताकि स्कूली बच्चों और गर्भवती महिलाओं सहित अन्य ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी न हो। काम बंद होने का खामियाजा ग्रामीणों को आगामी बरसात में भुगतना पड़ेगा।
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