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रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने अपराध नियंत्रण और असामाजिक तत्वों पर शिकंजा कसने के लिए बुधवार-गुरुवार की दरम्यानी रात बड़ा मिडनाइट ऑपरेशन चलाया। मध्य जोन में हुई इस सघन कॉम्बिंग गश्त से अपराधियों में हड़कंप मच गया। अभियान के दौरान पुलिस ने 20 वारंटियों को दबोचा, जबकि 32 संदिग्धों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई। इसके अलावा एक बदमाश पर आर्म्स एक्ट और दो आरोपियों पर NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया। यह अभियान IPS उमेश प्रसाद गुप्ता (DCP सेंट्रल जोन) के नेतृत्व में चलाया गया। इसमें एडिशनल DCP तारकेश्वर पटेल, ACP दीपक मिश्रा, ACP रमाकांत और मध्य जोन के थाना प्रभारियों की अहम भूमिका रही। ऑपरेशन से पहले पुलिस लाइन में करीब 150 पुलिस जवानों की ब्रीफिंग की गई और 10 टीमों का गठन किया गया। ड्रोन कैमरों से मॉनीटरिंग अभियान के दौरान संवेदनशील इलाकों को चिन्हित कर सील किया गया। पुलिस ने ड्रोन कैमरों की मदद से निगरानी रखी और कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन चलाया। फरार आरोपियों और वारंटियों के घरों में डोर-टू-डोर हाउस सर्च किया गया। वहीं संदिग्ध ठिकानों पर दबिश देकर तलाशी ली गई। संभावित भागने के रास्तों पर नाकेबंदी कर वाहनों की सघन जांच की गई। कॉम्बिंग गश्त के दौरान पुलिस ने 11 स्थायी वारंट और 9 गिरफ्तारी वारंट तामील किए। मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई में NDPS एक्ट के तहत 2 केस दर्ज हुए। इनमें एक कार्रवाई देवार डेरा क्षेत्र में और दूसरी गोलबाजार थाना क्षेत्र के बंजारी बाबा मस्जिद के पास की गई। इसके अलावा आर्म्स एक्ट के तहत भी एक मामला दर्ज किया गया। 155 लोगों के घर में सरप्राइज चेकिंग रातभर चले अभियान में पुलिस ने करीब 70 हिस्ट्रीशीटर बदमाशों और 85 पुराने चोरों व चाकूबाजों यानी कुल 155 लोगों के घरों में दबिश देकर सरप्राइज चेकिंग की। इस समन्वित कार्रवाई में 55 से ज्यादा अपराधियों के खिलाफ गिरफ्तारी या कानूनी कार्रवाई की गई। पुलिस का कहना है कि ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे।
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