भास्कर न्यूज | जांजगीर-देवरी चांपा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत बघौदा में पीएम आवास के तहत मिले नए आशियाने को बनाने की तैयारी एक परिवार के लिए काल बन गई। अपने पुराने घर की छत (छप्पर) तोड़ते समय संतुलन बिगड़ने से गिरे एक व्यक्ति की मौत हो गई। इस हादसे दो मासूम बच्चों का सहारा छीन लिया। ग्राम बघौदा निवासी रमेश कुमार बरेठ (44 वर्ष) को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नया पक्का मकान स्वीकृत हुआ था। वह जल्द से जल्द नए मकान का निर्माण शुरू करना चाहते थे। 12 अप्रैल की सुबह लगभग 8 बजे, रमेश अपने पुराने कच्चे घर की छप्पर (खपरैल वाली छत) को हटाने का कार्य कर रहे थे। निर्माण कार्य में मदद और खर्च बचाने के उद्देश्य से वे खुद ही लकड़ियां और खपरैल उतार रहे थे। काम के दौरान अचानक छत को सहारा देने वाली एक पुरानी लकड़ी टूट गई। लकड़ी टूटते ही रमेश का संतुलन बिगड़ गया और वे सीधे जमीन पर आ गिरे। ऊंचाई से गिरने के कारण रमेश को शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। हादसे में उनके बाएं हाथ की कलाई और सीने की पसलियां टूट गईं। सबसे घातक चोट उनके सिर में लगी, जिससे अंदरूनी रक्तस्राव शुरू हो गया। मौके पर मौजूद परिजनों और ग्रामीणों ने आनन-फानन में उन्हें लहूलुहान हालत में उठाया और तुरंत बीडीएम अस्पताल, चांपा ले गए। हालांकि, अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद ही उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जांच में दुर्घटना का मामला मान रही पुलिस अस्पताल प्रबंधन की सूचना पर चांपा थाना पुलिस ने मामले को संज्ञान में लिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम के उपरांत शव को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया यह एक दुर्घटना का मामला है, फिर भी पुलिस मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है।
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