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मुंगेली जिले के बैतलपुर में हुए लक्ष्मी प्रसाद प्रधान हत्याकांड का सरगांव पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी सुधीर केवट को गौरेला चर्च के पास से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने बारात से लौटते समय हुए विवाद में चाकू मारकर लक्ष्मी प्रसाद प्रधान की हत्या की थी। यह घटना 8 मई 2026 की रात की है। प्रार्थी रूपेश कुमार प्रधान ने 9 मई 2026 को सरगांव थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि वे अपने बड़े भाई लक्ष्मी प्रसाद प्रधान (मृतक) के साथ बलराम यादव की बारात में ग्राम घुठिया गए थे। शादी समारोह में भोजन के बाद कुछ बाराती पिकअप वाहन से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान बैतलपुर के पास रोड पर पिकअप वाहन के केबिन में बैठे सुधीर केवट और रवि वर्मा को लक्ष्मी प्रसाद प्रधान ने नीचे उतरने के लिए कहा। इस बात पर दोनों आरोपी नाराज हो गए और गाली-गलौज करते हुए विवाद करने लगे। विवाद बढ़ने पर मारपीट शुरू हो गई। आरोपी ने लक्ष्मी प्रसाद प्रधान पर चाकू से किया हमला मारपीट के दौरान आरोपी सुधीर केवट ने चाकू से लक्ष्मी प्रसाद प्रधान के पेट में जानलेवा वार किया। बीच-बचाव करने आए सूरज कश्यप पर भी आरोपी ने बाएं हाथ की बगल में चाकू से हमला किया। प्रार्थी रूपेश कुमार को भी रोकने के प्रयास में चोटें आईं। घायलों को तत्काल सिम्स अस्पताल बिलासपुर ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान लक्ष्मी प्रसाद प्रधान की मौत हो गई। सूरज कश्यप का इलाज अभी भी जारी है। इस मामले में सरगांव थाने में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने घेरकर आरोपी को पकड़ा पुलिस टीम लगातार पतासाजी, मुखबिर सूचना और तकनीकी सहायता के आधार पर आरोपी सुधीर केवट की तलाश कर रही थी। इसी क्रम में आरोपी सुधीर केवट (पिता रामावतार, उम्र 20 वर्ष,निवासी लखराम,थाना रतनपुर,) को गौरेला चर्च के पास से घेराबंदी कर पकड़ा गया। पूछताछ में आरोपी सुधीर केवट ने घटना को अंजाम देना स्वीकार कर लिया। पुलिस ने गवाहों के समक्ष घटना में इस्तेमाज चाकू जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार किया। उसे 16 मई 2026 को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।प्रकरण में अन्य आरोपी की पतासाजी जारी है।
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