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छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में नौकरी लगवाने के नाम पर युवती से ठगी की गई है। सारंगढ़ कलेक्ट्रेट में कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी दिलाने का झांसा देकर आरोपी ने 3 लाख 38 हजार 500 रुपए ठग लिए। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी को जशपुर से गिरफ्तार कर लिया है। मामला कोतरारोड़ थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, ग्राम कोतरा निवासी पदिमनी यादव (27) ने 3 अप्रैल को कोतरारोड़ थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि उसकी भतीजी के माध्यम से बैकुंठपुर निवासी हरीश मिश्रा (35) से पहचान हुई थी। आरोपी हरीश मिश्रा ने सारंगढ़ कलेक्ट्रेट में कंप्यूटर ऑपरेटर पद पर संविदा नियुक्ति दिलाने का भरोसा दिया। इसके एवज में उसने 9 फरवरी 2026 से 22 मार्च 2026 के बीच अलग-अलग तारीखों में नकद और फोन-पे के जरिए कुल 3 लाख 38 हजार 500 रुपए ले लिए। फर्जी नियुक्ति पत्र दिया काफी समय बीत जाने के बाद भी नियुक्ति नहीं हुई तो आरोपी लगातार आज-कल कहकर टालमटोल करता रहा। इसी दौरान हरीश मिश्रा ने पदिमनी यादव को रायगढ़ कलेक्ट्रेट के पास बुलाकर “कॉल मी सर्विसेस” नामक संस्था का एक नियुक्ति पत्र सौंपा। जब पदिमनी उस नियुक्ति पत्र को लेकर रायगढ़ कलेक्ट्रेट पहुंची, तब जांच में दस्तावेज पूरी तरह फर्जी पाया गया। इसके बाद पदिमनी यादव को एहसास हुआ कि वह ठगी का शिकार हो चुकी है। उसने तुरंत मामले की शिकायत कोतरारोड़ थाना में दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 318(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की और बाद में आरोपी को जशपुर से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए पीड़िता से रकम लेना कबूल किया। उसने बताया कि ठगी की अधिकांश रकम वह खर्च कर चुका है। साइबर कैफे से बनवाया था फर्जी नियुक्ति पत्र जांच में सामने आया कि आरोपी ने साइबर कैफे से फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार कराकर पदिमनी यादव को भेजा था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन और 900 रुपए नकद जब्त किए हैं। पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी पहले श्रम विभाग रायगढ़ में भृत्य के पद पर कार्यरत रह चुका है। उसके व्यवहार और गतिविधियों को लेकर पूर्व में भी शिकायतें मिल चुकी थीं। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। SSP ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील एसएसपी शशि मोहन सिंह ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि नौकरी दिलाने, सरकारी भर्ती कराने या प्रभाव का झांसा देकर पैसे मांगने वाले लोगों पर बिल्कुल भरोसा न करें। किसी भी नियुक्ति प्रक्रिया की जानकारी केवल अधिकृत शासकीय माध्यमों से ही प्राप्त करें। साथ ही, किसी प्रकार की धोखाधड़ी की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें।
जशपुर से आरोपी को गिरफ्तार किया एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन पर प्रशिक्षु डीएसपी अजय नागवंशी और थाना प्रभारी की टीम ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी, लेकिन आरोपी फरार चल रहा था। जहां पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी जशपुर में छिपा हुआ है। ऐसे में पुलिस की टीम तत्काल जशपुर रवाना हुई और घेराबंदी कर उसे हिरासत में लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार करते हुए पीड़िता से रकम लेना कबूल किया और बताया कि अधिकांश रकम खर्च कर चुका है।
आरोपी की पहले भी शिकायत मिली थी साइबर कैफे से फर्जी नियुक्ति पत्र बनाकर पदिमनी यादव को भिजवाया था। पुलिस ने आरोपी के पास से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन और 900 रुपये नकद जब्त किये हैं। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी पूर्व में श्रम विभाग रायगढ़ में भृत्य के पद पर कार्यरत रह चुका है और उसके व्यवहार व गतिविधियों को लेकर पहले भी शिकायतें रही हैं। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
धोखाधड़ी की जानकारी होने पर पुलिस को सूचना दे SSP शशि मोहन सिंह ने बताया कि नौकरी दिलाने, सरकारी भर्ती कराने या प्रभाव का झांसा देकर पैसे मांगने वाले ऐसे तत्वों पर बिल्कुल भरोसा न करें। किसी भी नियुक्ति प्रक्रिया की जानकारी केवल अधिकृत शासकीय माध्यमों से ही प्राप्त करें। किसी प्रकार की धोखाधड़ी की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें।
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